डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
US Seizes 200 Website Domains linked to India-Based Organisations: अमेरिकी संघीय अधिकारियों ने भारत-आधारित एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक वेबसाइट डोमेन जब्त किए हैं, जिन पर अवैध ऑनलाइन फार्मेसी चलाने का आरोप है। इन वेबसाइटों के जरिए खतरनाक दवाएं बेची जा रही थीं, जिन्हें कम से कम छह मौतों और चार गैर-घातक ओवरडोज मामलों से जोड़ा गया है।
अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) ने बुधवार को बताया कि देश भर में चलाए गए समन्वित अभियानों के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। DEA ने न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट स्थित यूएस अटॉर्नी ऑफिस के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन मेल्टडाउन’ के तहत यह कार्रवाई की।
जांच में सामने आया कि ये अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन (TCO) अमेरिका में सक्रिय थे और अवैध ऑनलाइन फार्मेसी के माध्यम से बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के खतरनाक दवाओं की बिक्री कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क की जांच 2022 से DEA के रॉकी माउंटेन फील्ड डिवीजन द्वारा की जा रही थी।
अधिकारियों के अनुसार, 27 जनवरी से शुरू हुए देशव्यापी अभियान के दौरान चार गिरफ्तारियों के अलावा पांच इमीडिएट सस्पेंशन ऑर्डर (ISO) और एक ऑर्डर टू शो कॉज (OTSC) जारी किया गया। इसके साथ ही अमेरिकी सरकार ने 200 से अधिक ऑनलाइन फार्मेसी बंद कर दीं, जो बिना प्रिस्क्रिप्शन के लाखों नकली और डाइवर्टेड दवाओं के ऑर्डर पूरे कर रही थीं। जांच में पाया गया कि ये ऑपरेटर अमेरिका भर के ग्राहकों को अवैध रूप से दवाएं भेज रहे थे, जो संघीय नियमों का उल्लंघन था और मरीजों की सुरक्षा के लिए बनाए गए बंद वितरण तंत्र को नुकसान पहुंचा रहा था।
DEA ने हजारों ऐसे ग्राहकों की पहचान की, जिन्होंने इन अवैध फार्मेसी से दवाएं खरीदी थीं। इसके बाद एजेंसी ने 20,000 से अधिक पत्र भेजकर जनता से जांच में सहयोग के लिए जानकारी मांगी। DEA एडमिनिस्ट्रेटर टेरेंस कोल ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि विदेशी तस्कर इंटरनेट की आड़ में अमेरिकी स्वास्थ्य प्रणाली का दुरुपयोग कैसे करते हैं। उनके अनुसार, अवैध ऑनलाइन फार्मेसी नकली और गैर-अनुमोदित गोलियां बेचकर समुदायों में जहर फैला रही हैं और उन्हें इस बात की परवाह नहीं कि इससे लोगों की जान जा रही है।
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DEA ने याद दिलाया कि 2024 में उसने एक पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट जारी कर अवैध ऑनलाइन फार्मेसी के बढ़ते खतरे को लेकर चेतावनी दी थी। इनमें से कई साइटें फेंटेनिल या मेथमफेटामाइन से बनी नकली गोलियां बेच रही थीं, जो देखने में वैध दवाओं जैसी लगती थीं। अधिकारीयों ने कहा कि ऐसी वेबसाइटें अक्सर अमेरिकी डोमेन और प्रोफेशनल डिजाइन का इस्तेमाल कर खुद को FDA-अनुमोदित बताती हैं, जबकि वास्तव में वे ड्रग तस्करों के नेटवर्क का हिस्सा होती हैं।