अमेरिका का बड़ा वार! भारत, चीन और रूस की कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध, जानिए क्या है पूरा मामला
Iran Mahan Air Sanctions: अमेरिका ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और महान एयर की मदद करने के आरोप में भारत, चीन और रूस की 6 संस्थाओं पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
अमेरिका का भारत, चीन और रूस की कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध, सांकेतिक (AI फोटो)
US Sanctions on India China Russia: अमेरिका ने भारत, चीन, रूस और ईरान की कई संस्थाओं और व्यक्तियों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ये सभी पक्ष ईरानी एयरलाइन महान एयर और ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को सैन्य और वित्तीय सहायता प्रदान कर रहे थे। वाशिंगटन के इस कड़े रुख को तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
IRGC के मददगारों पर कार्रवाई
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, प्रतिबंधित की गई छह संस्थाओं और व्यक्तियों पर महान एयर को रसद और तकनीकी सहायता देने का गंभीर आरोप है। अमेरिका का दावा है कि यह एयरलाइन लंबे समय से हथियारों, मिलिट्री हार्डवेयर और IRGC-कुद्स फोर्स के लड़ाकों को संवेदनशील इलाकों तक पहुंचाने में सक्रिय रही है।
गौरतलब है कि महान एयर को 2011 में ही आईआरजीसी को सहायता देने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था, जबकि खुद IRGC को 2007 और 2017 में एक आतंकवादी संगठन घोषित किया जा चुका है।
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Today, Treasury’s Office of Foreign Assets Control sanctioned six entities and individuals in China, India, Russia, and Iran, including multiple companies serving as general sales agents for the U.S.- and European Union‑sanctioned Iranian airline Mahan Air. Although Mahan Air… — Treasury Department (@USTreasury) July 30, 2026
क्या है होर्मुज सेफ प्रोग्राम?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के आधिकारिक नोटिस से एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, टारगेट की गई कई कंपनियां IRGC द्वारा संचालित एक जबरन वसूली कार्यक्रम का हिस्सा थीं, जिसे ‘होर्मुज सेफ प्रोग्राम’ नाम दिया गया है।
इसके तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को अनिवार्य रूप से एक विशेष समुद्री बीमा खरीदना पड़ता था। ईरान के मुख्य बीमा रेगुलेटर द्वारा शुरू की गई इस योजना से होने वाली कमाई का सीधा इस्तेमाल ईरानी सरकार के कामकाज और सैन्य गतिविधियों को फंड करने के लिए किया जाता था।
खुफिया जानकारी जुटाने का भी आरोप
इन प्रतिबंधों के दायरे में आई एक संस्था पर विशेष रूप से अमेरिकी और इजरायली रक्षा प्रणालियों की लोकेशन ट्रैक करने का आरोप है। बताया गया है कि यह संस्था ईरानी सेना को मौजूदा संघर्षों के दौरान टारगेट सेट करने और खुफिया डेटा उपलब्ध कराने में मदद कर रही थी।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी संस्थाएं महान एयर या IRGC को किसी भी तरह की कमर्शियल या वित्तीय मदद देंगी, वे एक आतंकवादी संगठन को खाद-पानी देने का काम कर रही हैं।
ईरान पर लगातार बढ़ता शिकंजा
यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा हाल ही में आठ तेल टैंकरों और 10 कॉर्पोरेट संस्थाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों की कड़ी में ही अगला बड़ा कदम है। ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने जानकारी दी कि इस सूची में शामिल कई कंपनियों के मुख्यालय चीन में स्थित हैं।
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आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 से अब तक अमेरिका 100 से अधिक समुद्री जहाजों को अपनी प्रतिबंध सूची में डाल चुका है। इन प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य ईरान के राजस्व स्रोतों को सुखाना और उसकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है।
