अटलांटिक महासागर में अमेरिका और रूस के बीच भीषण तनाव, (डिजाइन फोटो)
US Russia Latest News In Hindi: अटलांटिक महासागर में आइसलैंड के करीब अमेरिका और रूस के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी तटरक्षक बल (US Coast Guard) पिछले दो हफ्तों से रूसी तेल टैंकर ‘मरीनेरा’ का पीछा कर रहा है। रूस के सरकारी मीडिया ‘आरटी’ (RT) ने कुछ ऐसी तस्वीरें और वीडियो जारी किए हैं जिनमें अमेरिकी सेना का एक हेलीकॉप्टर टैंकर के बिल्कुल ऊपर मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है।
दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी सैनिकों ने खराब मौसम और तूफान के बीच भी इस टैंकर पर कब्जा करने की कोशिश की लेकिन रूसी चालक दल ने अमेरिकी आदेशों को मानने से साफ इनकार कर दिया।
BREAKING WORLD EXCLUSIVE: RT obtains FIRST footage of Russian-flagged civilian Marinera tanker being CHASED by US Coast Guard warship in the North Atlantic https://t.co/sNbqJkm5O5 pic.twitter.com/XtbBML3a6j — RT (@RT_com) January 6, 2026
अमेरिकी अधिकारियों ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि यह टैंकर पहले ‘बेला-1’ के नाम से चल रहा था। जब पिछले महीने अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसे रोकने का प्रयास किया तो इसने सहयोग नहीं किया और पहचान छिपाने के लिए अपना नाम बदलकर ‘मरीनेरा’ कर लिया और उस पर रूसी झंडा लगा लिया।
वाशिंगटन का आरोप है कि यह जहाज वेनेजुएला पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है और अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी को चकमा देकर तेल की तस्करी करने की कोशिश में था।
इस ऑपरेशन ने वैश्विक स्तर पर सैन्य जोखिम बढ़ा दिया है क्योंकि रूसी नौसेना के ठिकाने इस क्षेत्र के काफी करीब हैं। जैसे ही अमेरिका ने टैंकर को जब्त करने की कोशिश की रूस ने तुरंत उसी क्षेत्र में अपनी एक पनडुब्बी और युद्धपोत तैनात कर दिए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने भी यह स्वीकार किया है कि रूसी झंडे वाले किसी कमर्शियल जहाज को जबरन कब्जे में लेना मॉस्को के साथ सीधे सैन्य टकराव को दावत देना हो सकता है। यदि अमेरिका इसमें सफल होता है, तो यह दशकों में रूस के खिलाफ उसकी सबसे बड़ी समुद्री कार्रवाई मानी जाएगी।
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यह पूरी कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वेनेजुएला पर बढ़ते दबाव का हिस्सा मानी जा रही है। गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिकी विशेष बलों ने एक साहसिक ऑपरेशन चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया था, जो फिलहाल अमेरिकी हिरासत में हैं। वेनेजुएला ने इसे ‘अपहरण’ करार दिया है और आरोप लगाया है कि अमेरिका उसके विशाल तेल भंडार पर कब्जा करना चाहता है। ऐसे में रूसी टैंकर पर कार्रवाई इसी कड़ी का अगला हिस्सा नजर आ रही है।