सांकेतिक एआई फोटो
US Revokes Green Cards Iranian Officials Relatives: एक तरफ जहां पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए उच्च स्तरीय शांति वार्ता चल रही है, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका के भीतर ईरानी प्रभाव को कम करने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अमेरिका ने ईरान के मौजूदा और पूर्व बड़े अधिकारियों के उन रिश्तेदारों के ग्रीन कार्ड रद्द कर दिए हैं जो लंबे समय से अमेरिका में रह रहे थे।
ताजा कार्रवाई में अमेरिकी विदेश विभाग ने तीन प्रमुख लोगों के ग्रीन कार्ड रद्द किए हैं। इनमें सैयद ईसा हाशमी शामिल हैं, जो लॉस एंजिल्स के पास एक स्कूल में मनोविज्ञान (Psychology) के शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। हाशमी के साथ-साथ उनकी पत्नी और बेटे का भी कानूनी निवास परमिट छीन लिया गया है।
इस कार्रवाई के पीछे का मुख्य कारण सैयद ईसा हाशमी की मां, मासूमेह एब्तेकार (Masoumeh Ebtekar) का इतिहास है। मासूमेह, जिन्हें अमेरिका में ‘स्क्रीमिंग मैरी’ के नाम से जाना जाता है, 1979 के अमेरिकी दूतावास संकट के दौरान हमलावरों की प्रवक्ता थीं और बाद में ईरान की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनीं। अमेरिका ने हाशमी को उनकी मां के पुराने कृत्य और ईरानी शासन से उनके संबंधों के कारण निशाना बनाया है।
Masoumeh Ebtekar – also known as "Screaming Mary" – was the spokeswoman for the Islamic terrorists who stormed the U.S. Embassy in Tehran in 1979 and held 52 Americans hostage for 444 days – subjecting them to beatings, starvation, and mock executions. In 2014, the Obama… — Secretary Marco Rubio (@SecRubio) April 11, 2026
यह इस तरह की पहली कार्रवाई नहीं है। पिछले हफ्ते भी अमेरिका ने इसी कड़ी में ईरान के दिवंगत जनरल कासिम सुलेमानी की भतीजी और उनकी बेटी के ग्रीन कार्ड रद्द किए थे। ज्ञात हो कि कासिम सुलेमानी को 2020 में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मार दिया गया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कार्रवाई का समय बेहद महत्वपूर्ण है। जिस वक्त इस्लामाबाद में वार्ता की मेज पर शांति की चर्चा हो रही है ठीक उसी वक्त यह खबर सार्वजनिक करना ईरान पर कूटनीतिक दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है। ट्रंप सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह बातचीत तो कर रही है, लेकिन किसी भी स्तर पर कमजोर नहीं पड़ी है।
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हिरासत में लिए गए इन लोगों को जल्द ही अमेरिका से डिपोर्ट कर ईरान वापस भेजा जाएगा। यह उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका है जो दशकों से अमेरिका को अपना घर बना चुके थे।