क्या Esmail Qaani निकले इजराइली जासूस? खामेनेई की मौत के बाद ईरान के कमांडर शक के घेरे में

Mossad Spy Allegations: ईरान के शीर्ष कमांडर इस्माइल कानी पर इजराइली एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने का शक गहरा रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी हिरासत और मौत की अपुष्ट अफवाहें भी अब जोरों पर हैं।
Is Esmail Qaani an Israeli Spy? Mystery Deepens After the Assassination of Ayatollah Khamenei
ईरान के शीर्ष कमांडर इस्माइल कानी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Esmail Qaani Spy Rumors Iran: मध्य-पूर्व में जारी भीषण तनाव के बीच ईरान के सबसे ताकतवर सैन्य अधिकारियों में से एक ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल कानी को लेकर उठ रहे सवालों ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर चल रही खबरों ने यह सनसनी फैला दी है कि क्या खामेनेई के सबसे करीबी माने जाने वाले कानी वास्तव में एक भेदिया थे? इन दावों के अनुसार कानी ने इजराइली जासूसी एजेंसी मोसाद के लिए मुखबिरी की, जिससे ईरान के शीर्ष नेतृत्व को भारी नुकसान उठाना पड़ा। फिलहाल वे ईरानी अधिकारियों की हिरासत में बताए जा रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर चुप्पी साध रखी है।

कासिम सुलेमानी के उत्तराधिकारी पर गहराता शक

67 वर्षीय इस्माइल कानी ने साल 2020 में कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान की विशेष कुद्स फोर्स की कमान संभाली थी। उन्होंने दशकों तक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स में अपनी सेवाएं दीं और 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध में भी अहम भूमिका निभाई थी। आज वही अनुभवी योद्धा अपने ही देश में शक के दायरे में खड़ा है और उसकी वफादारी पर सवाल उठ रहे हैं।

कई हमलों में बाल-बाल बचने से बढ़ीं अटकलें

सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि कानी को इजराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में मौत की सजा भी दी जा चुकी है। शक तब और गहरा गया जब उस हमले में कानी सुरक्षित बच गए जिसमें सर्वोच्च नेता खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे। पिछले दो सालों में भी वे कई ऐसे जानलेवा हमलों में बचे रहे हैं जिनमें उनके साथी कमांडर अपनी जान गंवा बैठे थे।

'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' के लिए सबसे बुरा दौर

इस्माइल कानी के नेतृत्व के दौरान ईरान के सहयोगी संगठनों जैसे हिज्बुल्लाह और हमास को बहुत बड़े और गहरे झटके लगे हैं। हसन नसरुल्लाह और इस्माइल हनियेह जैसे कद्दावर नेताओं की हत्या के बाद अब खामेनेई की मौत ने ईरान के सुरक्षा ढांचे को पूरी तरह हिला दिया है। इन तमाम नाकामियों के पीछे किसी अंदरूनी गद्दार का हाथ होने की आशंका ने कानी की भूमिका को संदिग्ध बना दिया है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार और सुरक्षा जांच

इजराइल द्वारा हिज्बुल्लाह के नेटवर्क में सेंध लगाने के बाद ईरान ने अपने सैन्य तंत्र के भीतर संभावित सुरक्षा लीक की गहन जांच शुरू की है। सूत्रों का कहना है कि इसी कड़ी में कानी और उनकी पूरी टीम से पूछताछ की गई थी ताकि सच का पता लगाया जा सके। जब तक तेहरान से कोई आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक इन खबरों को महज सोशल मीडिया की अफवाह ही माना जा रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com