US नेवी का हेलीकॉप्टर अरब सागर में क्रैश, ‘इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग’ के दौरान हुआ हादसा, एक जवान लापता
US Navy Helicopter Crash: अरब सागर में इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान अमेरिकी नौसेना का MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। हादसे में तीन सैनिक घायल हैं, जबकि एक जवान लापता है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक एआई फोटो
US Navy Helicopter Crash Arabian Sea: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अरब सागर से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। अमेरिकी नौसेना का एक आधुनिक MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर बुधवार को इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
यह हादसा उस समय हुआ जब यह हेलीकॉप्टर अमेरिकी विमानवाहक पोत USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश पर तैनात होकर नियमित ऑपरेशन में शामिल था। इस आकस्मिक दुर्घटना ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों के बीच खलबली मचा दी है।
बचाव अभियान जारी
हादसे के समय हेलीकॉप्टर में कुल चार जवान सवार थे। अमेरिकी नौसेना द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह घटना 1 जुलाई 2026 को सुबह करीब 3:30 बजे (EDT) हुई। दुर्घटना के तुरंत बाद शुरू किए गए बचाव अभियान में तीन को घायल अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
जापानी पीएम साने ताकाइची का पहला भारत दौरा, जानिए PM मोदी से मुलाकात के बाद इंडो-पैसिफिक में क्या बदलेगा?
ग्रीस में बेकाबू आग से हाहाकार, पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत; कई इलाकों खाली कराने का आदेश जारी
कीव पर रूसी हमले के बाद पोलैंड हाई अलर्ट पर, बॉर्डर पर तैनात किए एयर डिफेंस सिस्टम; फाइटर जेट्स की हलचल बढ़ी
Syria Parliament: असद राज के खात्मे के बाद सीरिया में नई संसद तैयार, 70 सांसदों की लिस्ट हुई जारी
हालांकि, एक सैनिक अभी भी लापता है, जिसकी तलाश के लिए नौसेना ने अरब सागर में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इलाके में मौजूद अन्य अमेरिकी जहाजों और उपलब्ध संसाधनों को लापता सदस्य की खोज में लगा दिया गया है।
हादसे की जांच शुरू
चूंकि यह इलाका रणनीतिक रूप से काफी संवेदनशील है, इसलिए शुरुआत में हमले की आशंका जताई गई थी। हालांकि, अमेरिकी नौसेना ने स्पष्ट किया है कि यह क्रैश किसी बाहरी हमले या शत्रुतापूर्ण कार्रवाई की वजह से नहीं हुआ था। वर्तमान में घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पानी पर हेलीकॉप्टर उतारना बेहद जोखिम भरा होता है, क्योंकि भारी वजन के कारण ऐसे एयरक्राफ्ट पानी में डूबते समय अक्सर उलटे पलट जाते हैं, जो अनुभवी पायलटों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच हादसा
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच संबंध नाजुक मोड़ पर हैं। USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश अप्रैल 2026 से ही मध्य पूर्व में तैनात है और यह क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के दो प्रमुख एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक है। अमेरिकी नौसेना का यह बेड़ा बहरीन स्थित ‘नेवल सपोर्ट एक्टिविटी’ से संचालित होता है और होर्मुज स्ट्रेट जैसे संघर्ष वाले इलाकों की जिम्मेदारी संभालता है।
यह भी पढ़ें:- जापानी पीएम साने ताकाइची का पहला भारत दौरा, जानिए PM मोदी से मुलाकात के बाद इंडो-पैसिफिक में क्या बदलेगा?
हालांकि दोनों देशों के बीच हमले रोकने को लेकर एक ‘मेमोरैंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग’ (MOU) पर हस्ताक्षर हुए हैं, लेकिन रुक-रुक कर होने वाली हिंसक घटनाओं के कारण अमेरिकी सेना अभी भी हाई अलर्ट पर है।
