वैश्विक शक्ति का प्रदर्शन: 160 देशों में तैनात हैं 1 लाख से अधिक अमेरिकी सैनिक, पेंटागन का खुलासा
Pentagon Military Readiness: दुनिया के 160 देशों में 1.08 लाख अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। ईरान, चीन और रूस के खतरों के बीच अमेरिकी सेना अपनी युद्धक तैयारी और आधुनिक हथियारों को मजबूत कर रही है।
- Written By: प्रिया सिंह
160 देशों में तैनात हैं 1 लाख से अधिक अमेरिकी सैनिक (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Troops Global Deployment Strategy: आज के बदलते वैश्विक सुरक्षा हालातों के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने अपनी सैन्य शक्ति और तैयारियों का एक बहुत ही बड़ा ब्यौरा पेश किया है। वर्तमान में दुनिया के 160 अलग-अलग देशों में 1 लाख 8 हजार से भी अधिक अमेरिकी सैनिक अपनी सेवाएं सक्रिय रूप से दे रहे हैं। ये सैनिक न केवल अमेरिका के हितों की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर उभरती नई सुरक्षा चुनौतियों का डटकर सामना भी कर रहे हैं। इस तैनाती का मुख्य उद्देश्य ईरान, चीन और रूस जैसे देशों से मिलने वाली संभावित चुनौतियों का प्रभावी मुकाबला करना और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखना है।
वैश्विक मोर्चे पर सैन्य सक्रियता
अमेरिकी सेना के वाइस चीफ जनरल क्रिस्टोफर लानेव ने सीनेट की समिति के सामने गवाही देते हुए बताया कि हमारे सैनिक वर्तमान में पूरी दुनिया के कोने-कोने में सक्रिय हैं। ये जांबाज सैनिक पश्चिमी गोलार्ध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों द्वारा किए जा रहे मिसाइल व खतरनाक ड्रोन हमलों को रोकने का काम कर रहे हैं। वे दुश्मन की गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए जरूरी बुनियादी ढांचे और साझेदार देशों की रक्षा के लिए दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
सेना और संसाधनों का आधुनिकीकरण
एडमिरल जेम्स किल्बी ने सांसदों को जानकारी दी कि अमेरिकी नौसेना अब अपने शिपयार्डों को आधुनिक बनाने और युद्धपोतों की मरम्मत में होने वाली लंबी देरी को कम करने पर विशेष ध्यान दे रही है। वायुसेना भी भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए हर साल करीब 1,500 नए पायलटों को कड़ा प्रशिक्षण दे रही है ताकि जरूरत पड़ने पर दुश्मन के खिलाफ तुरंत और सटीक कार्रवाई की जा सके। बी-21 बॉम्बर जैसे नए लड़ाकू प्रणालियों का विकास और मौजूदा विमानों का आधुनिकीकरण अमेरिकी सेना की भविष्य की रणनीतिक तैयारियों का एक बहुत ही अहम और मजबूत हिस्सा बन चुका है।
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अंतरिक्ष और समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर
स्पेस फोर्स के उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आज के आधुनिक युद्ध के समय में अंतरिक्ष की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण, संवेदनशील और युद्ध का फैसला करने वाली हो गई है। हाल ही में मिसाइल चेतावनी, सटीक नेविगेशन और अंतरिक्ष निगरानी के लिए कई नए उन्नत उपग्रह लॉन्च किए गए हैं ताकि दुश्मन की हर छोटी-बड़ी चाल को समय रहते आसानी से भांपा जा सके। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामक सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मरीन कॉर्प्स और अमेरिकी नौसेना लगातार अपनी चौकसी बढ़ाकर अपने सहयोगियों को सुरक्षा का पूरा भरोसा दे रहे हैं।
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चुनौतियां और बुनियादी ढांचे की बाधाएं
दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना होने के बावजूद अमेरिकी सैनिकों को पुराने हथियारों, मरम्मत में देरी और स्पेयर पार्ट्स की भारी कमी जैसी कई गंभीर तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी जवाबदेही कार्यालय (जीएओ) ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर इन बुनियादी कमियों को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में सेना की वास्तविक युद्धक तैयारी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। पेंटागन के अधिकारी अब इन कमियों को दूर करने के लिए बजट के आवंटन और आधुनिक तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के बीच एक मजबूत और स्थायी तालमेल बिठाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
