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दक्षिण कोरिया सीमा पर भटका अमेरिकी सैन्य ड्रोन; उत्तर कोरियाई सीमा के पास हड़कंप, इलाके कराए गए खाली

US Military Drone: अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान अमेरिकी ड्रोन सीमा क्षेत्र में पहुंच गया। शुरुआती असमंजस के बाद स्पष्ट हुआ कि यह अमेरिकी मरीन कॉर्प्स का यूएवी था।

  • Written By: करुणा नंद शाहवाल
Updated On: Jul 30, 2026 | 07:46 PM

दक्षिण कोरिया सीमा पर भटका अमेरिकी सैन्य ड्रोन,(सोर्स- एआई नीर्मित)

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US Military Drone South Korea Border: दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान गुरुवार को एक अमेरिकी सैन्य ड्रोन सीमा क्षेत्र में पहुंच गया, जिसके बाद दक्षिण कोरियाई सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। एहतियात के तौर पर उत्तर कोरिया से सटे उत्तरी ग्योंगगी प्रांत और चेओरवोन क्षेत्र के कुछ इलाकों को खाली कराया गया तथा स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। शुरुआती जांच में दक्षिण कोरियाई सेना ड्रोन की पहचान नहीं कर सकी, जिससे कुछ समय के लिए आशंका बनी रही कि कहीं यह उत्तर कोरिया से तो नहीं आया।

बाद में संयुक्त जांच में पुष्टि हुई कि यह अमेरिकी मरीन कॉर्प्स का मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) था, जो द्विपक्षीय सैन्य प्रशिक्षण में शामिल था। अमेरिकी सेना और दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि ड्रोन निर्धारित मार्ग से कैसे भटका। फिलहाल किसी तरह के नुकसान या सुरक्षा उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, घटना ने कोरियाई सीमा क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

बाद में यूएस मरीन ड्रोन होने की पुष्टि

दोनों पक्षों के सैन्य अधिकारियों के अनुसार पता चला की उत्तर कोरिया की सीमा से सटे उत्तरी ग्योंगगी प्रांत में एक जनरल आउटपोस्ट के दक्षिण में यूएवी (मानव रहित हवाई वाहन) का पता चला था। बाद में इसकी पहचान यहां तैनात यूएस मरीन कॉर्प्स के एक मिलिट्री ड्रोन के रूप में की गई। वहीं दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया आगे की जांच-पड़ताल के बाद, इस यूएवी की पहचान ट्रेनिंग में शामिल यूएस मिलिट्री ड्रोन के रूप में की गई।

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सीमा क्षेत्र में दिखा अमेरिकी ड्रोन

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जेसीएस अधिकारी ने कहा कि इसके बाद तय प्रोटोकॉल के अनुसार ऑपरेशनल कदम उठाए गए। यूएस फोर्सेज कोरिया (यूएसएफके) ने भी पुष्टि की कि यह उनका ही ड्रोन था और कहा कि वे स्थिति का आकलन करने के लिए दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

संयुक्त अभ्यास के दौरान हुई घटना

वहीं यूएसएफके ने दक्षिण कोरिया का आधिकारिक नाम लेते हुए कहा यह घटना यूएस मरीन और रिपब्लिक ऑफ कोरिया मरीन कॉर्प्स के फर्स्ट मरीन डिवीजन के बीच द्विपक्षीय प्रशिक्षण के दौरान हुई। उन्होंने आगे कहा, “यूएस मरीन कॉर्प्स के कर्मी घटना से जुड़ी परिस्थितियों का आकलन कर रहे हैं और रिपब्लिक ऑफ कोरिया मरीन कॉर्प्स के हमारे सहयोगियों और संबंधित स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क साधे हुए हैं।”

कई इलाकों से लोगों को हटाया गया

बता दें कि इससे पहले दिन में, सोल से लगभग 70 किलोमीटर उत्तर में, उत्तर-दक्षिण कोरियाई सीमा के साथ बफर जोन के पास चेओरवोन में एक अलर्ट जारी किया गया था, जिसमें इलाके के निवासियों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई थी क्योंकि ड्रोन की उड़ान का पता चला था।

सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

जिसके बाद दक्षिण कोरियाई सेना ने सबसे पहले अपने निगरानी उपकरणों के माध्यम से ड्रोन का पता लगाया, लेकिन जाहिर तौर पर उनके द्वारा तुरंत यह पता नहीं लगा सकें कि क्या ड्रोन उत्तर कोरिया से आया हो सकता है। ड्रोन की उड़ान के तरीके को देखते हुए, हो सकता है कि इसकी नियोजित उड़ान की जानकारी क्षेत्र में दक्षिण कोरियाई सैन्य इकाइयों के साथ साझा न की गई हो, या ड्रोन अपने निर्धारित रास्ते से भटक गया हो।

नो-फ्लाई जोन को लेकर उठे सवाल

गौरतलब है कि जेसीएस अधिकारी ने और जानकारी देने से इनकार कर दिया। जैसे कि क्या ड्रोन ने उत्तर कोरिया के साथ 2018 के अंतर-कोरियाई सैन्य समझौते (जो अब निलंबित है) के तहत बनाए गए नो-फ्लाई जोन के ऊपर उड़ान भरी थी। यह नो-फ्लाई जोन पूर्व उदारवादी राष्ट्रपति मून जे-इन के प्रशासन के तहत स्थापित किया गया था ताकि प्योंगयांग के साथ तनावपूर्ण और भारी सुरक्षा वाली सीमा पर अनजाने में होने वाले सैन्य टकराव को रोका जा सके।

ये भी पढ़ें- नाटो की दहलीज तक पहुंची मिसाइल! पोलैंड में रात भर बजते रहे सायरन; युद्ध की आहट से सहमा यूरोप

ड्रोन के बारें में जानकारी जुटी रही सेना

दरअसल यह समझौता पूर्वी इलाकों में दोनों पड़ोसी देशों को अलग करने वाले ‘डीमिलिटराइज्ड जोन’ (सैन्य-मुक्त क्षेत्र) के 15 किलोमीटर और पश्चिमी इलाकों में 10 किलोमीटर के दायरे में विमानों और ड्रोन को उड़ाने पर रोक लगाता है। लेकिन दोनों कोरिया के बीच बिगड़ते रिश्तों के कारण इस समझौते को रोक दिया गया था। सेना ने पहले कहा था कि वह अमेरिकी ड्रोन की उड़ान के बारे में और जानकारी जुटा रही है।

Us military drone enters border area during south korea joint drill

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Published On: Jul 30, 2026 | 07:40 PM

Topics:  

  • America
  • Drone Attack
  • North Korea News
  • South Korea

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