US News: ट्रंप के चेहरे से रिपब्लिकन पार्टी ने बनाई दूरी, मिडटर्म चुनाव के लिए बनाया ‘सीक्रेट प्लान’
US Midterm Elections: ईरान जंग और गिरती लोकप्रियता के बीच रिपब्लिकन पार्टी ने अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन के लिए नई रणनीति अपनाई है। अब ट्रंप के नाम पर नहीं, बल्कि पार्टी की विचारधारा पर वोट मांगे जाएंगे।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मिडिया)
US Midterm Elections Republican Party Strategy: अमेरिका में इस साल के अंत में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। रिपब्लिकन पार्टी ने इस बार एक चौंकाने वाला फैसला लिया है, जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक भविष्य पर सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों और रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी ने तय किया है कि वह आगामी चुनाव में न तो राष्ट्रपति ट्रंप के चेहरे का इस्तेमाल करेगी और न ही उनके नाम पर जनता से वोट मांगेगी।
क्या है रिपब्लिकन पार्टी का नया ‘मास्टर प्लान’?
अमेरिकी कांग्रेस की 435 और सीनेट की 35 सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी अपनी साख बचाने की कोशिश में है। ट्रंप के सलाहकारों ने एक विस्तृत रणनीति तैयार की है, जिसका मुख्य उद्देश्य चुनाव को ‘व्यक्ति बनाम पार्टी’ के बजाय ‘पार्टी बनाम पार्टी’ बनाना है। सलाहकारों की कोशिश है कि यह मुकाबला ‘ट्रंप वर्सेज डेमोक्रेट्स’ होने के बजाय ‘रिपब्लिकन वर्सेज डेमोक्रेट्स’ के रूप में देखा जाए।
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गिरती लोकप्रियता बनी बड़ी वजह
इस बड़े बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता और हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम हैं। सलाहकारों का मानना है कि ईरान के साथ जारी जंग के कारण अमेरिकी जनता में ट्रंप के प्रति काफी नाराजगी है।
आंकड़ों की बात करें तो अप्रैल 2026 में ट्रंप की कुल अप्रूवल रेटिंग गिरकर महज 30 प्रतिशत रह गई है, जबकि मार्च में यह 38 प्रतिशत थी। विशेष रूप से आर्थिक मोर्चे और जीवनयापन की लागत के सवाल पर केवल 22 प्रतिशत लोगों ने ही ट्रंप की नीतियों का समर्थन किया है।
मागा समर्थकों का भी मोहभंग
पार्टी के लिए सबसे चिंताजनक बात यह है कि ट्रंप के कट्टर समर्थक माने जाने वाले ‘मागा’ (Make America Great Again) अभियान के बड़े चेहरे भी अब उनसे दूरी बना रहे हैं। मशहूर यूट्यूबर टर्कर काल्सन और फॉक्स न्यूज की पॉडकास्टर मेगन केली जैसे प्रभावशाली लोगों ने हाल के दिनों में ट्रंप का विरोध किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 के चुनाव में ट्रंप को वोट देने वाले 17 प्रतिशत लोग अब अपने फैसले पर पछतावा जता रहे हैं। मतदाताओं का मानना है कि ट्रंप ने जंग से दूर रहने का अपना चुनावी संकल्प तोड़कर ईरान युद्ध में अमेरिका को धकेल दिया है।
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सीटों का समीकरण
वर्तमान में अमेरिकी संसद में रिपब्लिकन पार्टी के पास 217 और डेमोक्रेट्स के पास 212 सीटें हैं। पार्टी को डर है कि अगर इस बार हार मिली, तो भविष्य की राह बहुत मुश्किल हो जाएगी। रणनीति के तहत, अब पूरा ध्यान डेमोक्रेट्स के खिलाफ ‘निगेटिव कैंपेन’ चलाने पर होगा, जिसमें जनता को यह बताया जाएगा कि डेमोक्रेट्स के आने से स्थिति और भी खराब हो सकती है।
