बलूचिस्तान से UN तक BLA पर अमेरिका ने क्या दांव खेला? उड़ी पाकिस्तान-चीन की नींद!
BLA UN Update: पाकिस्तान और चीन BLA तथा मजीद ब्रिगेड को वैश्विक आतंकी संगठन घोषित कराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ पाया। आखिर BLA क्या है?
- Written By: तनमय बरनवाल
Balochistan Liberation Army: UN में अमेरिका ने एक ऐसा दांव खेला जिसने सबको हैरान कर दिया है। पाक-चीन की चाल को अमेरिका ने एक झटके में खत्म कर दिया है। इस बीच पाकिस्तान की सेना की नाक में दम करने वाली बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी एक बार फिर से चर्चा में है। क्या संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान और चीन को बड़ा झटका लगा है? क्या बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानी BLA को अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन घोषित कराने की कोशिश फिलहाल अटक गई है? और आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक बार फिर BLA, पाकिस्तान, चीन और अमेरिका की चर्चा दुनिया भर में होने लगी?
BLA यानी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी एक अलगाववादी संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय दिखती है।बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है। यह प्राकृतिक गैस, सोना, तांबा और कई महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों से भरपूर है। इसके बावजूद यहां के कई बलूच समूहों का आरोप है कि उन्हें उनके संसाधनों का उचित लाभ नहीं मिलता। इसी असंतोष से वर्षों पहले अलगाववादी आंदोलन की शुरुआत हुई। अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा? क्या पाकिस्तान और चीन दोबारा संयुक्त राष्ट्र में यह मुद्दा उठाएंगे? क्या BLA पर वैश्विक स्तर पर और सख्त कार्रवाई होगी? इसमें चीन के निवेश, क्षेत्रीय राजनीति, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति जैसे कई पहलू जुड़ चुके हैं।
Balochistan Liberation Army: UN में अमेरिका ने एक ऐसा दांव खेला जिसने सबको हैरान कर दिया है। पाक-चीन की चाल को अमेरिका ने एक झटके में खत्म कर दिया है। इस बीच पाकिस्तान की सेना की नाक में दम करने वाली बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी एक बार फिर से चर्चा में है। क्या संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान और चीन को बड़ा झटका लगा है? क्या बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानी BLA को अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन घोषित कराने की कोशिश फिलहाल अटक गई है? और आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक बार फिर BLA, पाकिस्तान, चीन और अमेरिका की चर्चा दुनिया भर में होने लगी?
BLA यानी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी एक अलगाववादी संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय दिखती है।बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है। यह प्राकृतिक गैस, सोना, तांबा और कई महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों से भरपूर है। इसके बावजूद यहां के कई बलूच समूहों का आरोप है कि उन्हें उनके संसाधनों का उचित लाभ नहीं मिलता। इसी असंतोष से वर्षों पहले अलगाववादी आंदोलन की शुरुआत हुई। अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा? क्या पाकिस्तान और चीन दोबारा संयुक्त राष्ट्र में यह मुद्दा उठाएंगे? क्या BLA पर वैश्विक स्तर पर और सख्त कार्रवाई होगी? इसमें चीन के निवेश, क्षेत्रीय राजनीति, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति जैसे कई पहलू जुड़ चुके हैं।
