US-Mexico Water Deal: ट्रंप की टैरिफ धमकी के बाद झुका मेक्सिको, हर साल अमेरिका को देगा इतना पानी
Water Delivery Deal: ट्रंप की टैरिफ धमकी के बाद मेक्सिको हर साल अमेरिका को 3.5 लाख एकड़-फुट पानी देने पर सहमत हुआ है। इससे टेक्सास के किसानों को लाभ होगा और जल आपूर्ति में अनिश्चितता खत्म होगी।
- Written By: प्रिया सिंह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Mexico Border Water Agreement: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इसके तहत मेक्सिको अब हर साल अमेरिका को पानी की एक निश्चित मात्रा की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। अमेरिका मेक्सिको सीमा जल समझौता के माध्यम से दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहा जल विवाद अब सुलझ गया है। ट्रंप की टैरिफ की सख्त चेतावनी के बाद मेक्सिको ने इस वार्षिक आपूर्ति के लिए अपनी सहमति दी है।
ट्रंप की टैरिफ चेतावनी का असर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिको को चेतावनी दी थी कि अगर पानी की आपूर्ति समय पर नहीं हुई तो वह आयात शुल्क बढ़ा देंगे। ट्रंप ने मेक्सिको से आने वाले सभी सामानों पर पांच फीसदी तक टैरिफ लगाने की बात कही थी जिससे मेक्सिको की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ता। इसी दबाव के चलते मेक्सिको ने अब हर साल तय मात्रा में पानी देने का ऐतिहासिक फैसला किया है।
नए समझौते के मुख्य बिंदु
नए समझौते के अनुसार मेक्सिको अब अपने पांच साल के चक्र के दौरान हर साल कम से कम 3.5 लाख एकड़-फुट पानी अमेरिका को भेजेगा। इससे पहले मेक्सिको पांच साल की अवधि के अंत में पानी देता था जिससे आपूर्ति में भारी अनिश्चितता बनी रहती थी। अब वार्षिक आपूर्ति अनिवार्य होने से अमेरिका के सीमावर्ती राज्यों और किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
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पुराने समझौते की चुनौतियां
साल 1944 में हुई जल संधि के तहत मेक्सिको को हर पांच साल में कुल 17.5 लाख एकड़-फुट पानी अमेरिका को देना होता था। अमेरिका का आरोप था कि मेक्सिको शुरुआती सालों में कम पानी देता था और आखिरी सालों में ही कोटा पूरा करता था। इस देरी की वजह से टेक्सास के किसानों को फसल सिंचाई के लिए समय पर पानी नहीं मिल पाता था।
मेक्सिको की आंतरिक चिंताएं
भले ही यह समझौता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो गया है लेकिन मेक्सिको के उत्तरी राज्यों में सूखे की स्थिति से किसान बेहद परेशान हैं। सीमावर्ती राज्य तामाउलिपास के किसानों का कहना है कि पानी की भारी कमी के कारण वे अपनी फसलें तक नहीं बो पा रहे हैं। मेक्सिको के लिए अपने किसानों की जरूरत पूरी करते हुए अमेरिका को पानी देना एक बड़ी चुनौती होगी।
शीर्ष नेताओं की बातचीत
यह समझौता पिछले हफ्ते राष्ट्रपति ट्रंप और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम के बीच फोन पर हुई गहन चर्चा के बाद संभव हुआ है। शीनबाम ने पहले ही संकेत दिया था कि मेक्सिको अपने पुराने जल बकाये को चुकाने के लिए जल्द ही कड़े कदम उठाएगा। इस बातचीत के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों में नया मोड़ आया है।
अमेरिकी किसानों के लिए बड़ी जीत
अमेरिका इस समझौते को अपनी एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक जीत के रूप में देख रहा है जिससे स्थानीय किसानों का हित सधेगा। नियमित पानी मिलने से टेक्सास और आसपास के इलाकों में कृषि उत्पादन में स्थिरता आएगी और आर्थिक नुकसान कम होगा। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के हितों की रक्षा के लिए टैरिफ जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
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भविष्य की जल आपूर्ति का ढांचा
नया समझौता भविष्य में जल आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की अनिश्चितता को खत्म करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। अब दोनों देशों के बीच पानी का आदान-प्रदान अधिक संतुलित और समयबद्ध तरीके से होने की संभावना काफी बढ़ गई है। यह समझौता न केवल जल प्रबंधन बल्कि व्यापारिक संबंधों को भी नई मजबूती और दिशा प्रदान करेगा।
