युद्ध का ऐलान होते ही एक्शन में ईरान, कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें, ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
US Iran War: अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागकर पूर्ण युद्ध की घोषणा कर दी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप और मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Attack Kuwait US Base: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब सीधे सैन्य संघर्ष में तब्दील हो चुका है। मंगलवार तड़के ईरान की सेना ने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे ‘कैंप आरिफजान’ पर कई सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें दागीं। इस हमले के तुरंत बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने आधिकारिक घोषणा की है कि ईरान अब अमेरिका के साथ पूर्ण पैमाने के युद्ध में शामिल हो चुका है।
कुवैत में अमेरिकी बेस पर बड़ा प्रहार
ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, तेहरान की जमीनी सेना ने कुवैत के दक्षिण में स्थित अमेरिकी रणनीति के केंद्र ‘कैंप आरिफजान’ को अपना निशाना बनाया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस हमले में अमेरिका की घातक HIMARS मिसाइल प्रणालियों को निशाना बनाया गया है।
ईरान का कहना है कि इस कार्रवाई से दुश्मन की मिसाइल क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। बता दें कि कैंप आरिफजान अमेरिकी वायुसेना, नौसेना और मरीन कोर के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक ठिकाना है। इस हमले के बाद कुवैत ने अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को अलर्ट पर रखते हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
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Iran targets US HIMARS systems in Kuwait The Iranian Army says it struck HIMARS missile systems belonging to US forces at the Camp Arifjan base in Kuwait with ground-to-ground missiles. HIMARS is used by the US for rapid strikes against ground targets. Iran says the attack was… pic.twitter.com/twYKATAo8Z — Nebil Youssef (@NebilYousif) July 21, 2026
चुकानी होगी भारी कीमत
इस सैन्य कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए चेतावनी दी कि यदि ईरान किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान पहुंचाता है, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप मंगलवार शाम डोवर एयर फोर्स बेस पर एक सैन्य सम्मान समारोह में शामिल होने वाले थे, जहां संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले एक अमेरिकी सैनिक का पार्थिव शरीर पहुंचा था।
वास्तविकता स्वीकार करें
वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि अब पीछे हटने का रास्ता बंद हो चुका है। उन्होंने कहा कि हमें इस कड़वी वास्तविकता को स्वीकार करना होगा कि जंग शुरू हो चुकी है और हमें इस प्रतिरोध के हर परिणाम के लिए तैयार रहना चाहिए।
आर्थिक मोर्चे पर भी बढ़ी घेराबंदी
युद्ध के मैदान के साथ-साथ तनाव समुद्र तक भी फैल गया है। ईरान ने दुनिया की लाइफलाइन कहे जाने वाले होर्मुज पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने का खतरा पैदा हो गया है। पिछले हफ्ते अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात को पूरी तरह ठप करने के लिए उसके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी कर दी थी। अमेरिकी सेना के अनुसार, अब तक सात ईरानी जहाजों का रास्ता बदला जा चुका है।
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इसके अलावा, ट्रंप ने तेहरान को मजबूर करने के लिए ईरान के पावर स्टेशनों और पुलों को भी निशाना बनाने की धमकी दी है। फिलहाल, होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों का आवागमन लगभग बंद है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में खलबली मच गई है।
