ट्रंप की ईरान को बड़ी चेतावनी… अमेरिकी सैनिक की जान ली तो चुकानी पड़ेगी कई गुना कीमत
US Iran Conflict: जॉर्डन में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर एक भी सैनिक को नुकसान हुआ तो ईरान को कई गुना कीमत चुकानी होगी।
- Written By: प्रिया सिंह
डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Iran Conflict Trump Warns Iran: जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की दर्दनाक मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बहुत ही सख्त चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान पहुंचाया गया, तो ईरान को इसके बहुत ही गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
नौ दिनों से जारी इस भीषण युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान दोनों ओर से लगातार एक-दूसरे पर बड़े हमले किए जा रहे हैं। ‘ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व’ में तैनात दो सैनिकों की मौत ने अमेरिकी प्रशासन को बहुत ज्यादा आक्रोशित कर दिया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि एक हत्या की कीमत ईरान को कई गुना ज्यादा चुकानी पड़ेगी, जिसकी पूरी तैयारी कर ली गई है।
रक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी इस बड़ी चेतावनी को सिर्फ सोशल मीडिया तक ही बिल्कुल सीमित नहीं रखा है। उन्होंने युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैनियल केन को सीधा निर्देश दिया है। इसके साथ ही सेना के हर बड़े अधिकारी को भी संभावित बड़ी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार रहने को कहा गया है।
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ईरान का कड़ा पलटवार
दूसरी ओर ईरान भी अमेरिका की इन भारी धमकियों के आगे बिल्कुल झुकने को तैयार नहीं दिख रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका के साथ यह युद्ध तब तक नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान को इस बड़ी लड़ाई में कोई मजबूत बढ़त नहीं मिल जाती, तब तक शांति की कोई भी बातचीत नहीं होगी।
अराघची ने एक विस्तृत इंटरव्यू में साफ कहा कि बातचीत केवल तभी होगी जब ईरान की स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि किसी भी युद्ध का अंत या तो सैन्य जीत से होता है या फिर समझौते से। जल्दबाजी में कोई भी बातचीत करना सही नहीं है, हालात पक्ष में होने पर ही अमेरिका से संवाद किया जाएगा।
ईरानी संसद अध्यक्ष का बयान
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी अमेरिका पर तीखा और करारा जुबानी हमला बोला है। उन्होंने X पर लिखा कि अमेरिकी लोग लगातार इस क्षेत्र में नए घातक सैन्य उपकरण ला रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि वे युद्ध रोकना चाहते हैं, लेकिन हम उनकी हर चाल को अच्छे से समझते हैं।
गालिबाफ ने अमेरिका पर बड़ा तंज कसते हुए कहा कि शायद उन्होंने हमारी समझ को भी कमजोर मान रखा है। ईरान अब अमेरिकी चालों को पहचानने में काफी माहिर हो चुका है और उसने खुद को पूरी तरह तैयार किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी के दावों की पुष्टि उसके कार्यों से होनी चाहिए, उनका खंडन नहीं।
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एमओयू टूटने के बाद बिगड़े हालात
अमेरिका और ईरान के बीच एमओयू समझौता टूटने के बाद से ही पूरे मिडिल ईस्ट में भारी तनाव का माहौल है। ईरान लगातार खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना बहुत बड़ा निशाना बना रहा है। वहीं इसके जवाब में अमेरिका भी ईरान पर लगातार भारी हमले कर रहा है जिससे वैश्विक चिंता काफी बढ़ गई है।
