ट्रंप को भड़का रहे पीट हेगसेथ...जेडी वेंस ने पेंटागन के दावों पर उठाए सवाल, US लीडरशिप में पड़ी फूट- रिपोर्ट

US-Iran War: ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी सरकार में दरार! उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पेंटागन के दावों पर उठाए सवाल। क्या राष्ट्रपति को हथियारों के भंडार और जमीनी हकीकत पर गुमराह किया जा रहा है?
JD Vance
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Leadership Divided Over Iran War: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और पेंटागन के बीच ईरान को लेकर कथित मतभेदों की जो रिपोर्ट सामने आई है। जिसके मुताबिक जेडी वेंस और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बीच ईरान युद्ध को लेकर भारी मतभेद है। रिपोर्ट का सार यह है कि सरकार के अंदर “जंग की वास्तविक स्थिति” और “पेश की जा रही तस्वीर” को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण दिखाई दे रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन सार्वजनिक रूप से यह संकेत दे रहे हैं कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान की वायुसेना, नौसेना और रक्षा ढांचे को बड़ा नुकसान हुआ है और अमेरिका के पास पर्याप्त हथियार भंडार मौजूद हैं।

वेंस ने पेंटागन के दावों पर उठाए सवाल

इसके विपरीत, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बंद कमरों की बैठकों में इन दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कथित तौर पर यह पूछा है कि क्या राष्ट्रपति को दी जा रही जानकारी जमीनी हकीकत से मेल खाती है, खासकर मिसाइल और गोला-बारूद के भंडार की स्थिति को लेकर। वेंस की सबसे बड़ी चिंता यह बताई जा रही है कि अमेरिका के हथियार भंडार में कमी को कम करके दिखाया जा रहा है। उनका मानना है कि अगर वास्तव में गोला-बारूद और मिसाइल सिस्टम की उपलब्धता कम हो रही है, तो इसका असर भविष्य में चीन, रूस या उत्तर कोरिया जैसे देशों के साथ किसी संभावित संघर्ष पर पड़ सकता है। हालांकि, रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि वेंस सार्वजनिक रूप से पेंटागन नेतृत्व की आलोचना नहीं कर रहे हैं और उन्होंने हेगसेथ या जनरल केन पर राष्ट्रपति को गुमराह करने का सीधा आरोप भी नहीं लगाया है।

क्या है पेंटागन की रुख

पेंटागन नेतृत्व का सार्वजनिक रुख यह है कि अमेरिकी अभियान सफल रहा है और ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। लेकिन कुछ अंदरूनी और खुफिया आकलनों में यह संकेत भी मिलता है कि ईरान ने अपनी कई सैन्य क्षमताओं का बड़ा हिस्सा अब भी सुरक्षित रखा है, जिसमें वायुसेना, मिसाइल लॉन्च सिस्टम और नौसैनिक गतिविधियां शामिल हैं।

अमेरिकी नेतृत्व में दरार के संकेत

कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी प्रशासन के भीतर रणनीतिक संचार को लेकर मतभेद हैं जहां एक पक्ष सैन्य सफलता को मजबूत तरीके से प्रस्तुत कर रहा है, वहीं दूसरा पक्ष वास्तविक सैन्य क्षमताओं और संसाधनों की स्थिति को लेकर अधिक सावधानीपूर्ण दृष्टिकोण अपना रहा है।

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