IRGC चीफ अहमद वाहिदी का 'काउंटडाउन' शुरू? पेंटागन ने तैयार की स्ट्राइक की गोपनीय योजना!

US Pentagon Plan: अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता को सफल बनाने के लिए पेंटागन IRGC प्रमुख वाहिदी को निशाना बनाने की योजना बना रहा है। वाहिदी को दोनों देशों के बीच समझौते में सबसे बड़ी बाधा मान रहा।
US Could Assassinate IRGC Chief Ahmad Vahidi—a 'Stumbling Block' to Peace Deal; Pentagon Has Prepared a Plan!
IRGC प्रमुख अहमद वाहिदी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Pentagon Plan Assassinate IRGC Chief Ahmad Vahidi: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता (पीस डील) एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख अहमद वाहिदी की हत्या का एक गुप्त प्लान तैयार किया है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि जब तक वाहिदी सत्ता के केंद्र में हैं तब तक दोनों देशों के बीच किसी भी ठोस समझौते पर पहुंचना लगभग असंभव है।

शांति वार्ता में 'विलेन' बने वाहिदी

पेंटागन के सूत्रों ने खुलासा किया है कि अहमद वाहिदी शांति प्रक्रिया में सबसे बड़े 'ब्रेकर' के रूप में उभरे हैं। हाल ही में 21 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होनी थी, लेकिन वाहिदी के दबाव के कारण ईरानी डेलिगेशन अंतिम समय में वहां नहीं पहुंचा। आईआरजीसी की मांग है कि किसी भी बातचीत से पहले अमेरिका को होर्मुज के बाहर की नाकेबंदी खत्म करनी होगी। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शासन में बैठे कुछ कट्टरपंथियों को रास्ते से हटाकर ही ईरान को फिर से बातचीत की मेज पर लाया जा सकता है।

कौन हैं अहमद वाहिदी?

वहीद शाहचेराघी उर्फ अहमद वाहिदी का जन्म 1958 में हुआ था और वे 1979 में आईआरजीसी की स्थापना के समय से ही इससे जुड़े हुए हैं। उन्हें पूर्व प्रमुख कासिम सुलेमानी का बेहद करीबी माना जाता था। इसी साल मार्च में मोहम्मद पाकपूर की हत्या के बाद उन्हें आईआरजीसी का प्रमुख नियुक्त किया गया था। वाहिदी को खामेनेई परिवार का वफादार माना जाता है और अयातुल्ला अली खामेनेई ने ही उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया था।

ईरान में बढ़ता राजनीतिक रसूख

वर्तमान में ईरान के भीतर वाहिदी की शक्ति काफी बढ़ गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, मुज्तबा खामेनेई के गंभीर रूप से घायल होने के कारण अब सभी बड़े फैसले अहमद वाहिदी ही ले रहे हैं। उन्होंने ईरान नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहम्मद बाघेर जोलघाद्र के साथ गठबंधन कर लिया है, जिससे वहां की चुनी हुई सरकार और उदारवादी नेताओं को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है।

इजरायल के साथ मिलकर स्ट्राइक की तैयारी

रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिका, इजरायल के सहयोग से वाहिदी पर एक 'सीमित स्ट्राइक' कर सकता है। पेंटागन इस रणनीतिक हत्या के जरिए ईरान के नेतृत्व को यह संदेश देना चाहता है कि शांति वार्ता में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, इस तरह के कदम से क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

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