सोमवार को इस्लामाबाद पहुंचेगी US टीम, क्या इस बार वार्ता में शामिल नहीं होंगे जेडी वेंस; जानें ट्रंप का प्लान

Us Iran Talks Jd Vance Pakistan Visit Cancelled: इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से पहले ही सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा चिंताओं के कारण उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस का इस्लामाबाद दौरा रद्द हो गया है।
US and Iran to Face Off Again in Pakistan on Monday—But JD Vance Will Not Participate in These Talks; What Is the Reason?
US -ईरान वार्ता में शामिल होंगे जेडी वेंस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Jd Vance Pakistan Visit Cancelled Iran Peace talk: पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच खबर यह है कि अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जाने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं होंगे। ट्रंप ने एक मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा कारणों और सीक्रेट सर्विस की चिंताओं के चलते वेंस इस्लामाबाद नहीं जा रहे हैं। हालांकि, अन्य अमेरिकी प्रतिनिधि वार्ता के लिए कल शाम तक वहां पहुंच जाएंगे।

इसी बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रति अपनी अब तक की सबसे आक्रामक और सख्त नीति का संकेत दिया। रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जारी एक कड़े संदेश में उन्होंने ईरान को साफ चेतावनी दी कि यदि उसने प्रस्तावित शांति और परमाणु समझौते को स्वीकार नहीं किया, तो अमेरिका कड़े और निर्णायक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा, जिससे ईरान पर गंभीर असर पड़ सकता है।

सीजफायर के उल्लंघन पर भड़के ट्रंप

ट्रंप ने ईरान पर 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में संघर्षविराम समझौते के पूर्ण उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने हाल ही में वहां गोलीबारी की है जिसमें से कई गोलियां एक फ्रांसीसी जहाज और यूनाइटेड किंगडम के एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाकर दागी गई थीं। राष्ट्रपति ने इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करार देते हुए कहा कि यह कृत्य कतई स्वीकार्य नहीं है।

ईरान को भारी आर्थिक नुकसान

ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकियों पर ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान का यह कदम 'अजीब' है क्योंकि अमेरिकी नाकेबंदी (Blockade) ने पहले ही इस रास्ते को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। ट्रंप के अनुसार, इस नाकेबंदी के कारण ईरान को प्रतिदिन 500 मिलियन डॉलर (करीब 4100 करोड़ रुपये) का भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान स्थिति के कारण कई मालवाहक जहाज अब ईरान के बजाय अमेरिका के टेक्सास, लुइसियाना और अलास्का की ओर रुख कर रहे हैं।

बुनियादी ढांचे को मलबे में बदलने की धमकी

ट्रंप ने अपनी चेतावनी को और अधिक घातक बनाते हुए कहा कि अमेरिका ईरान को एक 'बहुत ही उचित और तर्कसंगत' समझौते (DEAL) की पेशकश कर रहा है। उन्होंने सीधे शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ईरान इस डील को नहीं मानता है तो अमेरिकी सेना ईरान के हर एक बिजली संयंत्र और हर एक पुल को पूरी तरह से नष्ट कर देगी। ट्रंप ने कहा कि अब और नरमी नहीं बरती जाएगी (NO MORE MR. NICE GUY!) और यह हमला बहुत तेज और आसान होगा।

47 साल पुरानी 'किलिंग मशीन' पर प्रहार

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संदेश के अंत में कहा कि यदि ईरान समझौता नहीं करता है, तो वह वह सब करने के लिए तैयार हैं जो पिछले 47 वर्षों में अन्य अमेरिकी राष्ट्रपतियों को कर देना चाहिए था। उनका स्पष्ट लक्ष्य 'ईरान की किलिंग मशीन' को हमेशा के लिए समाप्त करना है। ट्रंप के इस रुख ने साफ कर दिया है कि वह अब ईरान के मामले में किसी भी प्रकार की रियायत देने के मूड में नहीं हैं और ठोस सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com