Hormuz Strait: अमेरिका-ईरान तनाव पर कतर की चेतावनी, होर्मुज को सौदेबाजी का हथियार बिल्कुल न बनाएं

Hormuz Strait Issue: होरमुज स्ट्रेट के मुद्दे को लेकर कतर ने सख्त चेतावनी दी है। फारस की खाड़ी में शांति जरूरी है। इसे अमेरिका-ईरान तनाव के बीच राजनीतिक सौदेबाजी का हथियार नहीं बनाया जा सकता है।
Hormuz Strait Alert: Qatar Warns Against Using The Sea Route As A Bargaining Chip In US-Iran Crisis
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Hormuz Strait Political Bargaining Chip: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब सीधे तौर पर समुद्री शक्ति और नियंत्रण के कड़े संघर्ष का रूप ले लिया है। फारस की खाड़ी का हर एक जहाज अब इन दोनों देशों के बीच एक नए और खतरनाक टकराव का सीधा संकेत बन गया है। कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह से ठप है और लगातार आरोप-प्रत्यारोप की आग भड़क रही है जिससे पूरा पश्चिम एशिया अस्थिर है। इस बढ़ते संकट के बीच कतर ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यह समुद्री मार्ग होरमुज स्ट्रेट राजनीतिक सौदेबाजी का मोहरा नहीं है।

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने फारस की खाड़ी में शांति और स्थिरता को बहुत ज्यादा जरूरी बताया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई शांति वार्ता के कारण इसे कतई मोहरा नहीं बनाया जाए। होरमुज स्ट्रेट एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है जहां से दुनिया की बहुत बड़ी मात्रा में तेल और वैश्विक व्यापार सुरक्षित गुजरता है। इस अहम जलमार्ग पर किसी भी तरह का तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर डाल सकता है जिसका सबको ध्यान रखना होगा।

ईरान की यूएन में शिकायत

ईरान ने इस गंभीर मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के खिलाफ अपनी कड़ी शिकायत दर्ज कराई है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका उसके जहाजों को लगातार रोककर उन्हें जब्त करने की अनुचित कार्रवाई कर रहा है। यूएन में ईरानी राजदूत ने इस पूरी कार्रवाई को समुद्री डकैती बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ कहा है।

अमेरिका की नीति पर प्रहार

ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने अमेरिकी रवैये को वैश्विक व्यापार के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अमेरिका कूटनीति का पालन करने के बजाय अनुचित दबाव बनाने की गलत नीति अपना रहा है। इस तरह की लगातार मनमानी कार्रवाइयों से अंतरराष्ट्रीय नियम काफी ज्यादा कमजोर हो रहे हैं जो किसी के लिए ठीक नहीं है।

ईरान का नया शांति प्रस्ताव

बढ़ते हुए तनाव को थोड़ा कम करने के लिए ईरान ने अब एक बिल्कुल नया शांति प्रस्ताव दुनिया के सामने रखा है। ईरान का कहना है कि अगर उस पर से अमेरिकी सैन्य दबाव हटाया जाए तो वह अपनी सैन्य गतिविधियां कम कर सकता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस खास मुद्दे पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी लंबी बातचीत की है।

अमेरिका का कड़ा रुख

अमेरिका की तरफ से यह अहम बयान आया है कि वह ईरान के इस नए शांति प्रस्ताव पर पूरी तरह से विचार कर रहा है। हालांकि अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरान को इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर पूरा नियंत्रण कभी नहीं दिया जा सकता। अमेरिकी विदेश विभाग ने संकेत दिए हैं कि बातचीत की संभावना जरूर है लेकिन आगे की शर्तें काफी ज्यादा सख्त रहने वाली हैं।

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