ईरान युद्ध की आग में झुलसा अमेरिका! $4 के पार पहुंचा पेट्रोल, 2022 के बाद सबसे बड़ी महंगाई की मार
US Iran War: अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में कोहराम मचा है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें 2022 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Fuel Price Increase Due To Iran War: पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच भीषण संघर्ष ने अब वैश्विक ऊर्जा बाजार की चूलें हिला दी हैं। इस युद्ध की सबसे सीधी और मारक आंच अब अमेरिकी नागरिकों की जेब पर पड़ने लगी है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका में गैसोलीन (पेट्रोल) की राष्ट्रीय औसत कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं जिसने साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान बनी स्थितियों की याद ताजा कर दी है।
ईंधन की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल
मोटर क्लब AAA द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को अमेरिका में एक गैलन गैसोलीन की औसत कीमत लगभग 4.02 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई। गौरतलब है कि 28 फरवरी को जब यह युद्ध शुरू हुआ था तब कीमतें इससे लगभग एक डॉलर कम थीं। महज एक महीने के भीतर पेट्रोल की कीमतों में करीब 35 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो यह कीमतें और भी ऊपर जा सकती हैं क्योंकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा गई है।
क्षेत्रीय कीमतों का गणित
सिर्फ पेट्रोल ही नहीं बल्कि माल ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले डीजल की कीमतों ने भी आम जनता और व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। युद्ध से पहले डीजल की औसत कीमत 3.76 डॉलर प्रति गैलन थी जो अब बढ़कर 5.42 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। अमेरिका के भीतर भी कीमतों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। जहां कैलिफोर्निया में एक गैलन पेट्रोल की कीमत 5.89 डॉलर के साथ देश में सबसे अधिक है वहीं ओक्लाहोमा में यह 3.27 डॉलर के औसत पर बनी हुई है।
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संकट की मुख्य वजह
इस महंगाई के पीछे सबसे बड़ा कारण सामरिक मार्गों की नाकाबंदी है। दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग पांचवां हिस्सा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज‘ से होकर गुजरता है जो वर्तमान में ईरान की नाकाबंदी के कारण लगभग ठप पड़ा है। इसके अलावा, यमन के हूती विद्रोहियों के युद्ध में शामिल होने से लाल सागर का मार्ग भी टैंकरों के लिए असुरक्षित हो गया है जिससे तेल उत्पादन और आपूर्ति में भारी कटौती हुई है।
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ट्रंप की शांति योजना
बढ़ती महंगाई और आर्थिक बोझ को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध को जल्द समाप्त करने के पक्ष में दिख रहे हैं।, उन्होंने ईरान के सामने एक 15-सूत्रीय शांति योजना का प्रस्ताव रखा है जिसे फिलहाल तेहरान ने ठुकरा दिया है। ईरान की मांग है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसकी संप्रभुता को स्वीकार किया जाए। इस बीच, तनाव और बढ़ गया है क्योंकि ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका ने ईरान के महत्वपूर्ण परमाणु स्थल इस्फहान पर बंकर क्लस्टर बमों से हमला किया है जिसका कथित वीडियो ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर साझा किया है।
