US Iran War: 13 दिन बाद अमेरिका ने रोका ईरान पर हमला, ट्रंप के खिलाफ जाकर जेडी वेंस ने रुकवाई जंग
US Iran War: अमेरिका ने 13 दिनों तक लगातार हमले करने के बाद अब ईरान पर अपने हमले रोक दिए हैं। यमन के हूती समूह के हमलों और हथियारों की कमी के डर से जेडी वेंस ने राष्ट्रपति ट्रंप को रोका।
- Written By: प्रिया सिंह
डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस (सोर्स- सोशल मीडिया)
US Iran War Stop Attack On Iran After 13 Days Due To JD Vance: अमेरिका ने 13 दिनों के लगातार हमलों के बाद अब ईरान पर अपने भारी हमले रोक दिए हैं। इस बड़े कदम ने मौजूदा युद्ध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आगे की रणनीति पर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यमन में मौजूद इस्लामी समूह हूथीस ने हाल ही में सऊदी अरामको से जुड़ी जगहों पर बहुत खतरनाक मिसाइल और ड्रोन दागे थे। इस गंभीर हमले के बाद ही अमेरिका ने ईरान पर अपने हमले रोकने का बहुत अहम और बड़ा फैसला आखिरकार लिया है।
इस बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जनरल डैन केन ने ईरान के साथ गहराते तनाव पर अपनी बड़ी चिंता जाहिर की है। यह चिंता उस अहम समय पर जताई गई जब डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस मीटिंग में ईरान पर भारी हमले जारी रखना चाहते थे। ट्रंप कई दिनों से लगातार ईरान पर हो रहे इन सैन्य हमलों को बिल्कुल भी नहीं रोकना चाहते थे। लेकिन जेडी वेंस ने अपने कड़े प्रयासों से इस विनाशकारी हमले को रोकने में सबसे अहम और बड़ी भूमिका पूरी तरह से निभाई है।
हथियारों के स्टॉक की चिंता
व्हाइट हाउस में हुई इस अहम मीटिंग के दौरान जंग को लेकर कई बड़ी चिंताएं खुलकर जाहिर की गई थीं। लेकिन इसमें सबसे ज्यादा और बड़ी चिंता अमेरिकी सेना के हथियारों के लगातार खत्म होते स्टॉक को लेकर जताई गई। शुक्रवार को जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ केन ने विशेष तौर पर अमेरिका के घटते हथियारों के भंडार के बारे में आगाह किया था। उन्होंने चेतावनी दी कि एक लंबा सैन्य अभियान अमेरिका के हथियारों के स्टॉक पर बहुत बुरा असर डाल सकता है।
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मिलिट्री लीडर्स की चेतावनी
एक सूत्र के मुताबिक केन ने ट्रंप और सेना से कहा था कि वे अपने सभी विकल्पों का पूरा इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन उन्होंने इसके संभावित और बहुत भयानक असर के बारे में ट्रंप प्रशासन को स्पष्ट रूप से कड़ी चेतावनी भी दी थी। युद्ध शुरू होने से पहले ही केन और अन्य वरिष्ठ मिलिट्री लीडर्स ने हथियारों के कम होने के खतरे को भांप लिया था। इसलिए उन्होंने ट्रंप को यह लंबी लड़ाई न खींचने की सख्त और अहम सलाह लगातार दी थी।
व्हाइट हाउस का कड़ा बयान
व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन चेउंग ने इस पूरे मुद्दे पर एक बहुत ही अहम और बड़ा बयान आधिकारिक तौर पर दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा से ही इस भारी युद्ध का एक शांतिपूर्ण कूटनीतिक समाधान ज्यादा पसंद करते रहे हैं। लेकिन अगर ईरान होर्मुज या अमेरिकी सहयोगियों के खिलाफ अपनी आतंकी गतिविधियां बिल्कुल भी बंद नहीं करता है, तो उनके पास सभी विकल्प खुले हैं। यह स्पष्ट संदेश ईरान के लिए एक बहुत ही बड़ी और कड़ी चेतावनी माना जा रहा है।
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हूती समूह के घातक हमले
ईरान समर्थित यमन के हूती समूह ने शनिवार को लाल सागर के महत्वपूर्ण बंदरगाह शहरों जिजान और यानबू पर अपने हमले तेज किए। इन शहरों में मौजूद तेल की बहुत बड़ी कंपनी सऊदी अरामको से जुड़ी अहम जगहों पर सीधे मिसाइल और घातक ड्रोन दागे गए। इन लगातार हो रहे आतंकी हमलों से पूरे मध्य पूर्व में भारी तनाव और युद्ध की आशंका बहुत अधिक बढ़ गई है। इसी वजह से अमेरिकी प्रशासन को इस बेहद गंभीर मुद्दे पर अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
