युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Iran Tensions USS Abraham Lincoln Fighter Jets: पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है जहां कूटनीति के रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं और बारूद की गूँज तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई कड़ी चेतावनियों के बीच, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू कर दिया है। इस सैन्य कार्रवाई के तहत ईरान के भीतर रणनीतिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है जिससे पूरे क्षेत्र में महायुद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया है कि इस ऑपरेशन के लिए अमेरिकी नौसेना के विशालकाय युद्धपोत USS Abraham Lincoln (CVN 72) को तैनात किया गया है। सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि इस युद्धपोत से आधुनिक लड़ाकू विमान लगातार उड़ान भर रहे हैं।
इन विमानों का मुख्य उद्देश्य ईरान के अंदर उन सैन्य लक्ष्यों को तबाह करना है जो क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अब केवल बयानों तक सीमित नहीं है बल्कि उसने जमीनी स्तर पर सैन्य शक्ति का प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
U.S. Navy fighter jets take off from USS Abraham Lincoln (CVN 72) during Operation Epic Fury. U.S. forces continue to conduct strikes against military targets inside of Iran. pic.twitter.com/eqcyAoASv5 — U.S. Central Command (@CENTCOM) April 7, 2026
व्हाइट हाउस में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे कठोर चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि ‘पूरा देश एक ही रात में खत्म किया जा सकता है और वह रात कल भी हो सकती है।’ उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान के लिए मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक की समय सीमा तय की है।
ट्रंप की मांग है कि ईरान तुरंत Strait of Hormuz को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खोले, अन्यथा उसे ऐसे परिणाम भुगतने होंगे जो उसने पहले कभी नहीं देखे होंगे। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि डेडलाइन तक समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के पावर प्लांट और प्रमुख पुलों को निशाना बनाया जाएगा।
दूसरी ओर, ईरान ने भी झुकने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ट्रंप के अल्टीमेटम का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि ईरान की रक्षा के लिए 1.4 करोड़ से ज्यादा नागरिक अपनी जान देने के लिए तैयार हैं। पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह खुद भी देश की गरिमा और सुरक्षा के लिए किसी भी कुर्बानी के लिए तैयार हैं। इस जवाबी बयानबाजी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहे हैं।
युद्ध की यह आग केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही है। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सेना ने भी ईरान पर बमबारी की है, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है और 24 अन्य घायल हुए हैं। इसके अलावा, ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खर्ग द्वीप (Kharg Island) पर भी हमले हुए हैं जहां भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।
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ट्रंप के उस बयान ने दुनिया को और भी अधिक खौफजदा कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा कि “आज रात एक पूरी सभ्यता की मौत होगी, जिसे कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा।” फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें मंगलवार रात 8 बजे की उस डेडलाइन पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि एशिया का यह हिस्सा तबाही की ओर बढ़ेगा या शांति की कोई गुंजाइश बाकी है।