US Iran Deal: डील मास्टर डोनाल्ड ट्रंप को ईरान ने ऐतिहासिक शांति समझौते में कैसे दी बड़ी मात, जानें कुछ जरूरी
US Iran Deal: अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म हो गया है। अमेरिका ईरान डील से ईरान को भारी आर्थिक फायदे मिले हैं। 110 दिनों की जंग के बाद ईरान को प्रतिबंधों से छूट मिली है और अरबों डॉलर का रुका हुआ फंड मिलेगा।
- Written By: प्रिया सिंह
डोनाल्ड ट्रंप, US-ईरान डील पर ताजा जानकारी (सोर्स- AI डिज़ाइन)
Donald Trump US Iran Deal Update: अमेरिका के राष्ट्रपति खुद को बहुत बड़ा डील मास्टर कहते हैं लेकिन इस बार ईरान ने उन्हें मात दे दी है। 110 दिनों तक चले इस भयानक युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच आधिकारिक रूप से समझौता हुआ है। इस शांति समझौते में ईरान को ऐसे बड़े आर्थिक फायदे मिल गए हैं जिनकी उसने खुद कभी कल्पना भी नहीं की थी। प्रतिबंध हटने से ईरान की अर्थव्यवस्था को अब एक बहुत बड़ी और नई संजीवनी मिलने की उम्मीद है।
ईरान को अब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों से टोल वसूलने की पूरी छूट भी आसानी से मिल गई है। अगले 60 दिनों के बाद ईरान ओमान के साथ मिलकर इस जलमार्ग का नया नियम बनाएगा और टोल वसूलेगा। इसके अलावा अमेरिका ईरान के खिलाफ लगे सभी पुराने आर्थिक प्रतिबंधों को भी पूरी तरह से समाप्त कर देगा। इससे ईरान की तमाम कंपनियां और बैंक अब दुनिया के अन्य सभी देशों के साथ खुलकर अपना व्यापार कर सकेंगे।
विदेशी फंड की वापसी
इस समझौते के ग्यारहवें बिंदु के अनुसार दुनिया भर के कई बैंकों में जब्त ईरान का 100 अरब डॉलर का फंड वापस मिलेगा। हालांकि यह साफ नहीं है कि यह भारी रकम कब और किस तरह से ईरान को पूरी तरह वापस लौटाई जाएगी। लेकिन ईरान की 124 अरब डॉलर से 167 अरब डॉलर तक की संपत्ति जो विदेश में जब्त है वह उसे मिलेगी। इससे ईरान की रुकी हुई विकास प्रोजेक्ट्स को फिर से गति मिलेगी और एक नई शुरुआत होगी।
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इस नई डील से ईरान की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा सहारा यानी तेल बेचना फिर से सुचारू रूप से चालू हो जाएगा। अब ईरान अपने तेल टैंकरों में जमा करोड़ों बैरल तेल को कानूनी तौर पर खुले बाजार में बेच सकता है। अनुमान है कि ईरान अब रोजाना करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल बहुत ही आसानी से बेचेगा। यह आंकड़ा युद्ध से पहले की बिक्री से लगभग एक तिहाई ज्यादा है और सरकार की 50% कमाई इसी से होगी।
ईरान में भारी विदेशी निवेश
समझौते के छठे बिंदु में अमेरिका और क्षेत्रीय सहयोगी ईरान के विकास के लिए 300 अरब डॉलर की योजना बनाएंगे। इस निवेश योजना का अंतिम खाका भी अगले 60 दिनों के भीतर पूरी तरह से तैयार कर लिया जाएगा। हालांकि अमेरिका ईरान को सीधे कोई भी पैसा नहीं देगा बल्कि भागीदार देशों की कंपनियां वहां निवेश करेंगी। इस भारी निवेश के लिए सभी जरूरी मंजूरियां और आवश्यक लाइसेंस खुद अमेरिकी सरकार द्वारा दिए जाएंगे।
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यूरेनियम पर बड़ी सहमति
बदले में ईरान इस बात पर पूरी तरह सहमत हो गया है कि वह कोई भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। इसके अलावा ईरान के पास मौजूद अत्यधिक शुद्ध यूरेनियम को कम संवर्धित यूरेनियम में अब बदल दिया जाएगा। यह सारा काम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की कड़ी निगरानी में ईरान के अंदर ही पूरा किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को विशेषज्ञों की भाषा में मुख्य रूप से डाउन-ब्लेंडिंग कहा जाता है।
