

US Iran War America Puts 50000 Troops On Alert: अमेरिका और ईरान के बीच अब बहुत ही भयंकर और खतरनाक स्थिति पूरी तरह से बन चुकी है। जॉर्डन में अपने सैन्य बेस पर हुए घातक हमले के बाद अमेरिका ने बहुत ही बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने अपना कड़ा पलटवार करते हुए ईरान के ऊपर लगातार आठवीं रात भारी बमबारी की है। इन हवाई हमलों में अमेरिका ने ईरान के कई अहम ठिकानों और मिसाइल स्टोरेज को अपना निशाना बनाया है।
इस भारी तनाव और युद्ध के कारण अमेरिका ने अब अरब देशों में अपनी बड़ी सैन्य तैनाती कर दी है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने पश्चिम एशिया में अपने 50,000 से अधिक सैनिकों को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रखा है। इन सभी सैनिकों को किसी भी आपात स्थिति या बड़ी कार्रवाई के लिए बिल्कुल तैयार रहने का आदेश मिला है। अमेरिका की यह बड़ी तैयारी साफ तौर पर इस भयंकर युद्ध के और भी अधिक गहराने का सीधा संकेत दे रही है।
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी है कि ईरान पर उनके हमले बहुत ही सटीक और सुनियोजित हैं। इन भारी हमलों में ईरान की निगरानी प्रणाली और अहम एयर डिफेंस सुविधाओं को पूरी तरह से नष्ट किया गया है। इसके अलावा ईरान की समुद्री क्षमताओं और मिसाइल व ड्रोन के बड़े स्टोरेज साइटों को भी निशाना बनाया गया है। जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद से अमेरिका का गुस्सा बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है।
सैनिकों के अलर्ट के साथ-साथ अमेरिका अब अपने अत्याधुनिक फाइटर जेट्स की संख्या भी लगातार बहुत ज्यादा बढ़ा रहा है। जर्मनी के स्पैंगडाहलेम एयर बेस से बेहद खतरनाक एफ-16 विमानों को पश्चिम एशिया की तरफ रवाना किया गया है। इसके अलावा शक्तिशाली ब्रिटेन से भी एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट इस पूरे क्षेत्र में बहुत ही तेजी से तैनात किए जा रहे हैं। इन सभी घातक विमानों को इजरायल और आसपास के अन्य अमेरिकी सैन्य बेसों पर सुरक्षित उतारा जाएगा।
लड़ाकू विमानों की मारक क्षमता को और अधिक मजबूत करने के लिए अमेरिका कुछ और भी बड़े कदम उठा रहा है। लगातार हवाई हमलों के लिए अमेरिका से एरियल रिफ्यूलिंग यानी हवा में ईंधन भरने वाले विमान भी भेजे जा रहे हैं। इन विशेष विमानों को इजरायल भेजा जा रहा है ताकि वे लड़ाकू विमानों को बिना रुके लंबी उड़ान भरने में मदद करें। इस पूरी बड़ी तैयारी से यह स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका लंबे और बड़े हवाई हमले करने के मूड में है।
पश्चिम एशिया के लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा का एक बहुत बड़ा अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में दुनियाभर में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिकों को बहुत ही ज्यादा सावधानी बरतने के लिए खास तौर पर कहा गया है। विभाग का मानना है कि ईरान समर्थित हथियारबंद समूह विदेशों में अमेरिकी हितों और वहां मौजूद नागरिकों को अपना निशाना बना सकते हैं।
यरुशलम पोस्ट की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार इजरायल भी इन सभी बड़े घटनाक्रमों पर अपनी पूरी बारीक नजर बनाए हुए है। अमेरिका की लगातार नौवें दिन भी सैन्य ऑपरेशन की तैयारी के बाद इजरायली अधिकारी भी अपनी आगे की रणनीति बना रहे हैं। इजरायल का मानना है कि फिलहाल ईरान ने उन पर सीधा हमला करने से काफी परहेज किया है लेकिन स्थिति किसी भी वक्त भड़क सकती है।
अमेरिकी अधिकारियों ने फिलहाल इजरायल को इस पूरी लड़ाई से कुछ समय के लिए दूर रहने की स्पष्ट और बड़ी सलाह दी है। इजरायल ने ईरान पर इन हमलों में शामिल होने की पेशकश की थी जिसे वाशिंगटन ने पूरी तरह से ठुकरा दिया है। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि अगर वाशिंगटन मंजूरी देता है तो वे ईरान के इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपना बड़ा निशाना बना सकते हैं।