शहबाज शरीफ की कूटनीति फेल! 'चौधरी' बनने चले पाकिस्तान को ईरान ने दिखाया आईना, शांति वार्ता प्रस्ताव खारिज

Iran US Israel War: शहबाज शरीफ की मध्यस्थता की कोशिशों को ईरान ने झटका देते हुए कहा है कि वह अमेरिका-इजरायल के साथ जारी युद्ध में पाकिस्तान द्वारा शुरू की गई किसी भी शांति वार्ता का हिस्सा नहीं बनेगा।
Shehbaz Sharif's Diplomacy Fails! Iran Holds Up a Mirror to Pakistan Which Sought to Play the 'Regional Hegemon'—Rejecting Its Peace Talks Proposal.
डोनाल्ड ट्रंप, शहबाज शरीफ और मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Updated on

Iran Rejects Pakistan Mediation: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष में 'मध्यस्थ' की भूमिका निभाने की पाकिस्तान की हसरत को गहरा झटका लगा है। ईरान ने पाकिस्तान द्वारा दिए गए शांति वार्ता के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि वह पाकिस्तान द्वारा शुरू की गई किसी भी शांति प्रक्रिया या वार्ता का हिस्सा नहीं है। तेहरान के इस फैसले के बाद पूरी दुनिया मे टेंशन एक बार फिर से बढ़ गई है।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सक्रियता पड़ी ठंडी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पिछले काफी समय से इस मुहिम में जुटे हुए थे कि वे अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने के लिए मध्यस्थता कर लेंगे लेकिन उनके इस सपने पर ईरान ने पानी डाल दिया। हाल ही में शहबाज सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी साझा की थी कि पाकिस्तान इस शांति वार्ता की मेजबानी करने की भी इच्छा रखता है। हालांकि, ईरान के ताजा रुख ने पाकिस्तान की इन कूटनीतिक कोशिशों पर पानी फेर दिया है।

युद्ध के मैदान में बढ़ता तनाव

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत नहीं खोला गया तो वे ईरान के पावर प्लांटों और तेल के कुओं को निशाना बनाएंगे। वहीं, ईरान ने पहले ही अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15-सूत्रीय शांति योजना को ठुकरा दिया है जिससे यह स्पष्ट होता है कि तेहरान फिलहाल किसी भी बाहरी दबाव या 'अनचाही' मध्यस्थता के मूड में नहीं है।

बदलते कूटनीतिक समीकरण

पाकिस्तान एक ओर जहां ईरान को अपना 'दोस्त' बताता रहा है, वहीं दूसरी ओर वह अमेरिका के साथ भी अपने संबंधों को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन ईरान के इस सख्त जवाब ने यह संकेत दे दिया है कि वह अपनी शर्तों पर ही आगे बढ़ना चाहता है। इस बीच, इजरायल ने होर्मुज को ब्लॉक करने वाले ईरानी नौसेना कमांडर को मार गिराने का दावा किया है जिसे ईरान ने भी स्वीकार कर लिया है जिससे संघर्ष और अधिक हिंसक हो गया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com