ईरान पर अमेरिका का ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’: फाइटर जेट्स और मिसाइलों से आसमान में बरपाया कहर, देखें Video
US Attacks Iran: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू हुआ। यूएस सेंटकॉम ने फाइटर जेट्स और मिसाइलों से ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरान पर अमेरिका का 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (सोर्स- सोशल मीडिया)
US Army Operation Epic Fury Iran: मिडल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू कर दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर 28 फरवरी की रात को यूएस सेंटकॉम ने ईरानी सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए हमले किए। इस ऑपरेशन में पहली बार अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिसने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांड सेंटरों को भारी नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप ने ईरानी जनता से अपील की है कि वे इस दमनकारी शासन के खिलाफ खड़े हों और अपने देश के भविष्य का फैसला अब खुद करें।
आसमान से बरपा कहर
यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया पर इस हमले का एक बहुत ही रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो साझा किया है जिसमें फाइटर जेट्स उड़ते दिख रहे हैं। जहाजों से उड़ान भरने वाले इन जेट्स ने ईरानी सीमा के भीतर घुसकर सटीक मिसाइलें दागीं जिससे वहां के एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से तबाह हो गए। रात के करीब 1:15 बजे शुरू हुए इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उन जगहों को खत्म करना था जो अमेरिकी सैनिकों के लिए तुरंत खतरा पैदा कर रही थीं।
Breaking News अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने युद्धपोत से ईरान पर हमले के लिए उड़ान भरने वाले जंगी जहाज़ों और टारगेट
पर फ़ायर का वीडियो जारी किया pic.twitter.com/AWgLVNcdWB — Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) February 28, 2026
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सटीक निशाने और नई तकनीक
इस बार अमेरिकी सेना ने अपनी ‘स्कॉर्पियन स्ट्राइक’ टास्क फोर्स के जरिए पहली बार युद्ध के मैदान में कम लागत वाले वन-वे अटैक ड्रोन का इस्तेमाल किया है। इन ड्रोन्स और मिसाइलों ने मुख्य रूप से आईआरजीसी के कंट्रोल सेंटर, मिसाइल लॉन्च पैड्स और सैन्य हवाई अड्डों को अपना निशाना बनाकर मिट्टी में मिला दिया। सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि हमारे बहादुर सैनिक राष्ट्रपति के साहसी आदेश का पालन करते हुए इस मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दे रहे हैं।
https://t.co/oX9vFjlC2a — U.S. Central Command (@CENTCOM) February 28, 2026
नुकसान का आकलन और बचाव
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे लेकिन अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ने उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया। इस भीषण जंग में किसी भी अमेरिकी सैनिक के मारे जाने या घायल होने की कोई खबर नहीं है और उनके सैन्य ठिकानों को भी बहुत कम नुकसान पहुंचा है। यह इस पीढ़ी में क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ताकत की सबसे बड़ी तैनाती मानी जा रही है जो ईरान के परमाणु और सैन्य इरादों को कुचलने के लिए की गई है।
दुनिया पर पड़ता असर
इस युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं पर भी बहुत बुरा असर पड़ा है और मुंबई जैसे एयरपोर्ट्स पर यात्री सड़कों पर सोने को मजबूर हो गए हैं। मिडिल ईस्ट जाने वाली फ्लाइट्स रद्द होने से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और वैश्विक स्तर पर तेल और व्यापार को लेकर भारी अनिश्चितता का माहौल है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर भी लगातार कतर और अन्य देशों के संपर्क में हैं ताकि भारतीयों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को सुनिश्चित किया जा सके।
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खामेनेई की मौत
हमलों के बीच इजरायली मीडिया ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अपने दफ्तर में मौजूद थे जब वहां बमबारी हुई थी। ईरानी मीडिया ने इस खबर की पुष्टि कर दी है कि उनकी मौत हो चुकी है, डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक क्रूर युग के अंत की शुरुआत बताते हुए जनता को प्रेरित किया है। ईरान में 40 दिनों के शोक की खबर है और अब दुनिया यह देख रही है कि क्या ईरान का अगला नेतृत्व इस युद्ध को रोक पाएगा।
