चीन में नहीं थम रहा माइनिंग हादसों का सिलसिला, अब यूनान में खदान ढहने से 5 की मौत; सुरक्षा दावों की खोली पोल
Yunnan Mining Accident: चीन में एक अवैध खदान ढहने से पांच लोगों की मौत हो गई है। शान्शी प्रांत में हुए देश के 15 साल के सबसे बड़े माइनिंग हादसे के ठीक बाद इस घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक AI तस्वीर
China Yunnan Mining Accident News In Hindi: चीन के दक्षिण-पश्चिमी यूनान प्रांत में एक अवैध खदान के ढहने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है। यह दुखद घटना ऐसे समय में हुई है जब देश पहले से ही शान्शी प्रांत में हुए पिछले 15 सालों के सबसे भीषण माइनिंग हादसे के जख्मों से उबरने की कोशिश कर रहा है, जिसमें 82 लोगों की जान चली गई थी।
कैसे हुआ हादसा?
चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, यह हादसा रविवार तड़के करीब 4:30 बजे यूनान प्रांत के हुइज़े काउंटी में हुआ। बताया गया है कि एक अवैध माइनिंग साइट पर खदान की शाफ्ट अचानक ढह गई। बचाव दल ने मलबे से छह लोगों को सुरक्षित निकालने में कामयाबी हासिल की, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
हालांकि, इलाज के दौरान पांच लोगों ने दम तोड़ दिया और केवल एक ही व्यक्ति जीवित बच सका। स्थानीय अधिकारियों ने इस अवैध खनन स्थल और खदान ढहने के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है।
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15 साल का सबसे काला दिन
यूनान की इस घटना से ठीक दो सप्ताह पहले, 22 मई को शान्शी प्रांत की लियुशेन्यु कोयला खदान में एक भीषण गैस विस्फोट हुआ था। इस धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसमें कम से कम 82 खनिकों की मौत हो गई और 120 से अधिक लोग घायल हो गए। दो कर्मचारी अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस त्रासदी को साल 2009 के बाद से चीन का सबसे बड़ा माइनिंग एक्सीडेंट माना जा रहा है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी
शान्शी हादसे की जांच कर रहे अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की चौंकाने वाली जानकारी शेयर की है। जांचकर्ताओं को खदान के भीतर छिपी हुई सुरंगें, नकली पत्थरों के दरवाजे और अपंजीकृत श्रमिक मिले हैं। खदान के भीतर ट्रैकिंग सिस्टम भी मौजूद नहीं था, जिसके कारण बचाव कार्य में काफी बाधा आई। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि खदान संचालक ने नियामकों से अपनी अवैध गतिविधियों को छिपाने के लिए खदान के फर्जी ब्लूप्रिंट बना रखे थे।
इतिहास की कुछ सबसे बड़ी माइनिंग त्रासदियां
चीन के खनन उद्योग में सुरक्षा सुधारों के बावजूद बड़े हादसे रुक नहीं रहे हैं। साल 2009 में हीलोंगजियांग प्रांत की शिनक्सिंग कोयला खदान में हुए गैस विस्फोट ने 108 खनिकों की जान ले ली थी। वहीं, 2005 में लियाओनिंग प्रांत की सनजियावान खदान में आई बाढ़ के कारण 200 से अधिक श्रमिकों की मौत हो गई थी।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग का कड़ा रुख
शान्शी और यूनान में हुए इन लगातार हादसों ने देश भर में सुरक्षा मानकों पर नई चिंता पैदा कर दी है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इन घटनाओं की गहन जांच के आदेश दिए हैं और कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने का निर्देश दिया है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन बढ़ाने का दबाव और निरीक्षणों से बचने की प्रवृत्ति छोटे और अवैध खनन क्षेत्रों में बड़े हादसों का मुख्य कारण बनी हुई है। फिलहाल, चीन भर में माइनिंग साइट्स का बड़े पैमाने पर निरीक्षण किया जा रहा है और कई इकाइयों में परिचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।
