मोजतबा खामेनेई और 10 ईरानी नेताओं की जानकारी के लिए अमेरिका ने रखा 1 करोड़ डॉलर का इनाम (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Reward Offers For Information Of Iranian Leaders: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक नए और बहुत ही गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस कार्यक्रम के तहत इन नेताओं पर एक बड़ा ऐलान किया है। इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर के बेटे मोजतबा खामेनेई समेत 10 प्रमुख नेताओं को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है। यह कदम दुनियाभर में बढ़ती आतंकी गतिविधियों और IRGC के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए उठाया गया है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की है कि जो कोई भी इन विशिष्ट ईरानी नेताओं के बारे में विश्वसनीय जानकारी देगा उसे इनाम मिलेगा। यह पुरस्कार राशि एक करोड़ डॉलर तक हो सकती है जो किसी भी व्यक्ति की किस्मत बदलने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है। इतना ही नहीं अमेरिका ने जानकारी देने वालों को जरूरत पड़ने पर दूसरे देश में सुरक्षित बसाने की सुविधा भी देने की बात कही है।
इस सूची में सबसे चर्चित नाम अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई का है जिसे वहां काफी शक्तिशाली माना जाता है। उनके अलावा खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब और गृह मंत्री ब्रिगेडियर जनरल एस्कंदर मोमेनी जैसे बड़े सरकारी अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। यह सभी नेता ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के अलग-अलग महत्वपूर्ण हिस्सों का नेतृत्व करते हैं।
अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ये नेता दुनियाभर में खतरनाक आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाते हैं और उन्हें अंजाम देते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी आधिकारिक पोस्टर में इन नेताओं को स्पष्ट रूप से ‘आतंकवादी नेता’ बताकर संबोधित किया गया है। इस घोषणा का मुख्य उद्देश्य IRGC के खुफिया नेटवर्क पर दबाव बढ़ाना और उनकी वैश्विक गतिविधियों को बाधित करना है।
Got information on these Iranian terrorist leaders? Send us a tip. It could make you eligible for a reward and relocation. pic.twitter.com/y7avkqdGWw — Rewards for Justice (@RFJ_USA) March 13, 2026
अमेरिकी सुरक्षा विभाग ने जानकारी साझा करने के लिए बहुत ही सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड डिजिटल माध्यमों की विशेष व्यवस्था की है। इच्छुक व्यक्ति रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस के सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म या गुप्त टोर नेटवर्क के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने वादा किया है कि जानकारी साझा करने वाले की पहचान को पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
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यह कड़ा फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पश्चिम एशिया में भारी युद्ध की स्थिति बनी हुई है और आपसी तनाव बढ़ा है। ईरानी अधिकारियों ने इस अमेरिकी कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ एक बड़ी साजिश बताया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका की इस इनामी रणनीति का क्षेत्र की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।