अमेरिका ने चीन को वेनेजुएला से 'फेयर मार्केट प्राइस' पर तेल खरीदने की दी अनुमति (सोर्स-सोशल मीडिया)
China Venezuela Oil Fair Market Price: अमेरिका ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए चीन को वेनेजुएला से तेल आयात करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, यह अनुमति निकोलस मादुरो के दौर की तरह आसान नहीं होगी। अब चीन को ‘अंडरकट’ या बेहद सस्ती कीमतों के बजाय ‘फेयर मार्केट प्राइस’ यानी उचित बाजार कीमत पर ही तेल खरीदना होगा। 3 जनवरी को मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद से ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला के तेल निर्यात पर अनिश्चित काल के लिए नियंत्रण रख रहा है।
मादुरो के शासन के दौरान वेनेजुएला अपना तेल चीन को बहुत कम दामों पर बेचता था ताकि बीजिंग से लिए गए बड़े कर्ज को चुकाया जा सके। इन सौदों को ‘तेल के बदले कर्ज’ कहा जाता था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अभियान की वजह से अब वेनेजुएला के लोगों को अपने तेल की सही कीमत मिलेगी, न कि वह भ्रष्ट और बेहद सस्ती कीमतें जो मादुरो के दौर में चीन को दी जाती थीं।
ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे वेनेजुएला के तेल निर्यात को पूरी तरह नियंत्रित करेंगे। इस नीति की एक मुख्य शर्त यह है कि वेनेजुएला के तेल का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका को बेचा जाए। ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के अनुसार, वर्तमान में अमेरिका को वेनेजुएला के तेल से करीब 45 डॉलर प्रति बैरल मिल रहे हैं, जबकि मादुरो के सत्ता में रहते हुए यह कीमत केवल 31 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी।
चीन कई वर्षों से वेनेजुएला के तेल का सबसे बड़ा खरीदार रहा है। हालांकि, अब वहां से तेल आयात करना चीन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ट्रेडर्स और विश्लेषकों का मानना है कि फरवरी से चीन का वेनेजुएला से तेल आयात घट सकता है, क्योंकि अमेरिका के कड़े नियंत्रण के बाद वहां से अब कम ही टैंकर निकल पा रहे हैं। अब तेल केवल उचित बाजार कीमत पर ही वैश्विक बाजार में बेचा जाएगा।
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अमेरिका का उद्देश्य वेनेजुएला के संसाधनों पर नियंत्रण बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि तेल की बिक्री से होने वाला लाभ सही तरीके से इस्तेमाल हो। मादुरो को हटाने के बाद अमेरिका ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था और तेल संपदा को अपने रणनीतिक हितों के अनुसार संचालित करेगा। चीन के साथ यह ‘उचित बाजार कीमत’ वाला सौदा इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।