तालिबान ने पीटा…तो नीचता पर उतरे मुनीर, आम अफगानियों को बना रहे निशाना, UN के खुलासे से हड़कंप
Refugee Crisis Pakistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव के बीच 2025 में पाकिस्तान ने रिकॉर्ड 1,00,971 अफगान शरणार्थियों को गिरफ्तार किया, जिनमें अधिकांश बिना दस्तावेज़ वाले प्रवासी थे।
- Written By: अक्षय साहू
पाकिस्तान में शरणार्थी संकट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pakistan Afghan Refugees Arrested Illegally: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। पिछले दिनों हुई झड़पों में अफगान तालिबान के लड़ाके कथित तौर पर पाकिस्तान की अधुनिक हथियालों से लैस पाकिस्तानी सेना पर भारी पड़ती नजर आई है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि 2025 में पाकिस्तान ने रिकॉर्ड संख्या में अफगान शरणार्थियों को हिरासत में लिया है।
अफगानी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 1 जनवरी से नवंबर 2025 के बीच पाकिस्तान ने कुल 1,00,971 अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया। यह संख्या 2024 में 9,000 और 2023 में 26,000 गिरफ्तारियों से कहीं अधिक है।
आम अफगानियों से बदला ले रहा पाकिस्तान
गिरफ्तारी का यह आंकड़ा मुख्य रूप से पाकिस्तान के बलूचिस्तान के चगाई और क्वेटा जिलों, तथा पंजाब के अटक जिले से आया है। UNHCR के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अफगान नागरिकों में से 76 प्रतिशत लोग बिना दस्तावेज वाले प्रवासी या कार्ड धारक थे, जबकि 24 प्रतिशत के पास पंजीकरण प्रमाण पत्र थे। इसका मतलब ये है कि पाकिस्तान जंग के मैदान में पिछड़े का बाद आम अफगान नागरिकों को निशाना बना रहा है और उन्हें जरूरी कागजात होने बावजूद हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
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दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के चलते अफगान शरणार्थियों की गिरफ्तारी में यह वृद्धि देखी गई है। पाकिस्तान सरकार ने 2025 में दो प्रमुख आदेश जारी किए। पहला आदेश था, इस्लामाबाद और रावलपिंडी से अफगान प्रवासियों को हटाने का, और दूसरा आदेश था, पुलिस को पीओआर कार्ड धारक अफगानों को गिरफ्तार करने की अनुमति देने का।
अफगान परिवारों पर जरूरी सुविधाओं का संकट
इसके साथ ही UNHCR ने पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों के लिए नकद सहायता में कमी का भी जिक्र किया है, जो फंडिंग में कमी के कारण हो रहा है। वहीं, सहायता एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि इस नकद सहायता में कटौती से अफगान परिवारों के लिए भोजन, किराया और सर्दियों की आवश्यकताओं की पूर्ति में समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
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कई मानवीय संगठनों ने पाकिस्तान से अपील की है कि वह यह सुनिश्चित करे कि अफगान शरणार्थियों की वापसी स्वैच्छिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो, क्योंकि बड़े पैमाने पर निष्कासन से अफगानिस्तान की सीमा पर और अस्थिरता पैदा हो सकती है।
