ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर (सोर्स-सोशल मीडिया)
UK PM Keir Starmer Controversy: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के सामने इन दिनों एक बहुत बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। राजनीतिक संकट के बीच विपक्षी और उनकी ही पार्टी के कुछ नेता उनके इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। हालांकि स्टार्मर ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने पद से किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनकी कैबिनेट ने भी इस संकट की घड़ी में उनका पूरा साथ देने का वादा किया है।
स्टार्मर की राजनीतिक स्थिति तब डांवाडोल हो गई जब जेफरी एपस्टीन कांड में उनके कुछ करीबी सहयोगियों का नाम सामने आया। इस विवाद के बाद से ही उन पर पद छोड़ने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था। लेबर पार्टी के नेता के रूप में उन्होंने इस संकट का डटकर मुकाबला करने का निर्णय लिया है।
विवाद तब और गहरा गया जब स्टार्मर ने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त करने का विवादास्पद फैसला किया। मैंडेलसन पर दोषी यौन अपराधी एपस्टीन से संबंध रखने के गंभीर आरोप पहले से ही लगे हुए थे। इस फैसले के बाद स्कॉटिश लेबर पार्टी के नेता अनस सरवर ने उनके इस्तीफे की मांग कर दी।
जैसे ही इस्तीफे की मांग तेज हुई, कीर स्टार्मर की कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों ने उनके समर्थन में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। मंत्रियों की इस एकजुटता ने फिलहाल सरकार के भीतर पनप रहे विद्रोह की किसी भी संभावना को पूरी तरह टाल दिया है। स्टार्मर ने अपनी टीम को इस मुश्किल समय में साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद दिया है।
डाउनिंग स्ट्रीट की एक बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पूरी तरह से मजबूत और एकजुट है। उन्होंने अपने 5 साल के कार्यकाल के मात्र 19 महीने पूरे होने पर पद छोड़ने की अटकलों को खारिज कर दिया। स्टार्मर का मानना है कि उन्हें देश बदलने का जो जनादेश मिला है, वे उससे पीछे नहीं हटेंगे।
प्रधानमंत्री को एंजेला रेनर और शबाना महमूद जैसे कद्दावर लेबर नेताओं का भी पूरा समर्थन हासिल हुआ है। इसके अलावा वेल्श लेबर नेता एलुनेड मॉर्गन और मेयर एंडी बर्नहैम ने भी कीर स्टार्मर के नेतृत्व में विश्वास जताया है। इन वरिष्ठ नेताओं के साथ आने से पार्टी के भीतर जारी कलह फिलहाल शांत हो गई है।
स्टार्मर ने सार्वजनिक रूप से उन लोगों की आलोचना की है जो लेबर पार्टी के भीतर बगावत का सुझाव दे रहे थे। उन्होंने दोहराया कि वे अपने वादों को पूरा करने के लिए अंत तक लड़ते रहेंगे और पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल ब्रिटिश पीएम की कुर्सी पर मंडरा रहा खतरा मंत्रियों की तत्परता की वजह से टल गया है।
यह संकट दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एपस्टीन कांड की छाया अभी भी बड़े राजनेताओं का पीछा कर रही है। स्टार्मर के लिए आने वाला समय और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि विपक्ष अभी भी हमलावर बना हुआ है। हालांकि फिलहाल के लिए स्टार्मर अपनी सत्ता बचाने में पूरी तरह सफल रहे हैं।