Gaza Peace: यूएई और मिस्र के राष्ट्रपतियों की मुलाकात, गाजा में स्थायी युद्धविराम और आर्थिक सहयोग पर चर्चा
UAE Egypt Meeting: यूएई और मिस्र के राष्ट्रपतियों ने गाजा में स्थायी शांति के लिए "दो-राष्ट्र समाधान" और तत्काल युद्धविराम की मांग की है। साथ ही 35 अरब डॉलर के निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा हुई है।
- Written By: प्रिया सिंह
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद और मिस्र के राष्ट्रपति अल-सीसी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Two-State Solution Gaza Peace Process: यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद और मिस्र के राष्ट्रपति अल-सीसी ने अबू धाबी में एक महत्वपूर्ण शिखर वार्ता की है। दोनों नेताओं ने गाजा में जारी संघर्ष को हमेशा के लिए समाप्त करने और मानवीय सहायता को सुचारू बनाने पर बल दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य पूर्व में शांति के लिए “दो-राष्ट्र समाधान” ही एकमात्र व्यावहारिक और स्थायी रास्ता है। इस बैठक के दौरान गाजा संकट के साथ-साथ दोनों देशों के बीच भविष्य के बड़े आर्थिक निवेशों पर भी गहन मंथन हुआ।
स्थायी युद्धविराम की मांग
अबू धाबी में हुई इस मुलाकात में यूएई और मिस्र ने गाजा में तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने की जरूरत को दोहराया है। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सैन्य टकराव और बढ़ा तो इसके पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र पर बहुत ही गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने नागरिकों तक बिना किसी बाधा के मानवीय मदद पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ठोस सहयोग की अपील की है।
दो-राष्ट्र समाधान पर जोर
शेख मोहम्मद बिन जायद और राष्ट्रपति अल-सीसी ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए फलस्तीन-इस्राइल विवाद के स्थायी हल की बात की। दोनों देशों का मानना है कि संप्रभु फलस्तीन राज्य का निर्माण ही भविष्य में शांति और सुरक्षा की असली गारंटी दे सकता है। उन्होंने क्षेत्र की अखंडता बनाए रखने और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए अरब देशों की एकजुटता पर बल दिया।
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आर्थिक निवेश और AI
कूटनीति के अलावा बैठक में आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक 35 अरब अमेरिकी डॉलर की डील पर चर्चा हुई। यह निवेश मिस्र के भूमध्यसागरीय तट के विकास के लिए किया जा रहा है जिससे मिस्री पाउंड को बाजार में काफी स्थिरता मिली है। अल-सीसी ने मोहम्मद बिन जायद यूनिवर्सिटी ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौरा कर तकनीकी विकास के क्षेत्र में भी सहयोग की संभावना जताई।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की अपील
मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती ने गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती की मांग की है। उन्होंने अपने ग्रीक समकक्ष से बातचीत में कहा कि यह बल युद्धविराम की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में मददगार होगा। यह प्रस्ताव पिछले साल नवंबर में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा समर्थित अमेरिकी शांति योजना का एक प्रमुख हिस्सा माना जाता है।
संक्रमणकालीन शासन व्यवस्था
गाजा के प्रशासनिक कार्यों को संभालने के लिए जनवरी में ‘फिलिस्तीनी तकनीकी राष्ट्रीय समिति’ का गठन किया गया है जिसका मिस्र समर्थन करता है। यह समिति गाजा में फलस्तीनी प्राधिकरण की पूर्ण वापसी सुनिश्चित करने के लिए एक संक्रमणकालीन निकाय के रूप में महत्वपूर्ण कार्य करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य दैनिक प्रशासनिक आवश्यकताओं और मानवीय सहायता के वितरण को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना और बुनियादी ढांचा सुधारना है।
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शांति योजना के चरण
शांति योजना के पहले चरण में कैदियों की अदला-बदली और गाजा में निर्बाध मानवीय सहायता की आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित किया गया है। दूसरे चरण में इजराइली सेना की गाजा से पूर्ण वापसी और हमास के पूरी तरह निरस्त्रीकरण की महत्वपूर्ण परिकल्पना की गई है। अंतिम लक्ष्य गाजा का पुनर्निर्माण और एक ऐसी शासन व्यवस्था स्थापित करना है जो क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और खुशहाली ला सके।
