क्या पाकिस्तान में बुझ जाएगा चूल्हा? युद्ध के चलते एक झटके में 924 रुपए महंगा हुआ LPG सिलेंडर, जनता बेहाल

Pakistan LPG Price Hike: पाकिस्तान सरकार ने अप्रैल के लिए एलपीजी की कीमतों में 35% की भारी बढ़ोतरी की है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण घरेलू सिलेंडर अब 3,588 रुपये के पार पहुंच गया है।
Pakistan LPG Price Hike
पाकिस्तान में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Oil-Gas Crisis in Pakistan: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले एक महीने से जारी संघर्ष ने पाकिस्तान में आम लोगों के जीवन पर भारी असर डाला है। पहले से ही आर्थिक संकट झेल रहा यह पड़ोसी देश अब तेल और गैस की बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में भारी वृद्धि ने आम नागरिकों की जेब पर सीधा असर डाला है।

पाकिस्तान के तेल और गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) ने अप्रैल के लिए एलपीजी सिलेंडरों की दरों में 35 प्रतिशत की वृद्धि की है। इसके तहत 11.8 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 924 पाकिस्तानी रुपये बढ़ाकर 3,588.60 रुपये कर दी गई है, जबकि मार्च में यह 2,664.88 रुपये थी। ओगरा ने अप्रैल के लिए एलपीजी की कीमत 304.15 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की है, जो मार्च में 225.84 रुपये प्रति किलोग्राम थी।

अमेरिका-ईरान युद्ध बढ़ोतरी की वजह

इस बढ़ोतरी का सीधा कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ रहा प्रभाव है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में किए गए हमलों ने समुद्री व्यापार और वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। यह जलडमरूमध्य दुनिया भर के तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। पाकिस्तान के कुल तेल आयात का 80-85 प्रतिशत सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से होता है, जिनके शिपमेंट इसी मार्ग से होते हैं। पेट्रोलियम उत्पादों का पाकिस्तान के कुल आयात में हिस्सा लगभग 30 प्रतिशत है।

जल्द खत्म होगा ईरान युद्ध

हालांकि संघर्ष के बीच एक राहत की खबर यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्द ही ईरान से अपनी सेना वापस बुला सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई “दो या तीन सप्ताह” में समाप्त हो सकती है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने पिछले महीने के अंत में ईरान के खिलाफ शुरू किए गए हवाई हमलों में अपने निर्धारित लक्ष्य हासिल कर लिए हैं।

इस बीच पाकिस्तान में घरेलू ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और युद्ध की अनिश्चितता आम नागरिकों के लिए आर्थिक दबाव बढ़ा रही हैं। ऐसे समय में क्षेत्रीय स्थिरता और तेल आपूर्ति की सुरक्षा देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम चुनौती बन गई है।

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