बलूचिस्तान में यात्रियों को बस से उतारकर गोलियों से भूना, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में संदिग्ध विद्रोहियों द्वारा किए गए दो अलग-अलग हमलों में आठ लोगों की मौत हो गई और 17 लोग घायल हो गए, जबकि तीन लोगों को अगवा कर लिया गया। गुरुवार को क्वेटा के बारेच मार्केट क्षेत्र में एक पुलिस वाहन के पास बम विस्फोट हुआ, जिसमें दो लोगों की जान चली गई और 17 घायल हो गए।
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद के अनुसार, विस्फोटक सामग्री (आईईडी) एक मोटरसाइकिल में छिपाई गई थी, जो पुलिस वाहन के पास धमाके से फट गई। घायलों को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इससे पहले, बुधवार रात ग्वादर जिले में उग्रवादियों ने एक यात्री बस को रोका और पंजाब प्रांत के छह यात्रियों को नीचे उतारकर गोली मार दी। साथ ही, तीन अन्य यात्रियों को अपहरण कर अपने साथ ले गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हफीज बलूच ने बताया कि यह हमला ग्वादर जिले में बुधवार देर रात हुआ, जब कुछ हथियारबंद हमलावरों ने ओरमारा राजमार्ग पर कलमत क्षेत्र के पास एक यात्री बस को रोक लिया और गोलीबारी कर दी। इस हमले में पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य यात्री ने गुरुवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया।
विदेश की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…
उन्होंने बताया कि हमलावरों ने यात्रियों के पहचान-पत्र जांचने के बाद छह लोगों की हत्या कर दी और तीन अन्य को अपने साथ ले गए। सभी पीड़ित पंजाब प्रांत के रहने वाले थे। अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। बता दें कि उग्रवादियों ने ग्वादर बंदरगाह से खाद ले जा रहे तीन ट्रकों को भी सड़क पर बाधा डालकर रोक लिया और फिर उनमें आग लगा दी।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यात्री बस पर हुए हमले की निंदा करते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि आतंकवादी देश की प्रगति और बलूचिस्तान की खुशहाली के विरोधी हैं, क्योंकि वे वहां विकास होता नहीं देख सकते।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष यात्रियों को बस से उतारकर पहचान के आधार पर उनकी हत्या करना एक अमानवीय और कायरतापूर्ण कृत्य है। वहीं, प्रांत के नसीराबाद संभाग के सोहबत क्षेत्र में एक और घटना घटी, जहां हथियारबंद हमलावरों ने एक घर पर हमला कर दिया। इस हमले में एक महिला और तीन बच्चों समेत एक ही परिवार के सात सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, यह जघन्य अपराध दो समूहों के बीच चल रहे भूमि विवाद का नतीजा था।
बुधवार को बस यात्रियों पर हमला ऐसे वक्त में हुआ जब प्रांत में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल था। इस महीने की शुरुआत में, प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस का अपहरण कर लिया था, जिसमें 440 यात्री सवार थे। इस घटना में 18 सुरक्षाकर्मियों समेत कुल 26 बंधकों की जान चली गई थी।