कौन है ट्रंप का सीक्रेट दोस्त? जो अपनी जेब से दे रहा US आर्मी की सैलरी, दिया 1100 करोड़ का डोनेटश

US Shutdown News: अमेरिका में शटडाउन के बीच पेंटागन ने 130 मिलियन डॉलर का गिफ्ट स्वीकार किया है, जो राष्ट्रपति ट्रंप के किसी सीक्रेट दोस्त ने सैन्य कर्मचारियों के वेतन के लिए दिया।
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डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Trump Secret Friend Donated 130 Million: अमेरिका में शटडाउन से चलते सरकारी कर्मचारियों की हालत खराब है। इसी बीच पेंटागन ने शुक्रवार को ऐलान किया कि उसने एक गुमनाम डोनर से 130 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,100 करोड़ का गिफ्ट स्वीकार किया है, जिससे सैन्य कर्मचारियों का वेतन दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह डोनेशन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के किसी सीक्रेट दोस्त ने दिया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा है था यह गिफ्ट उनके एक दोस्त ने किसी भी कमी को पूरा करने के लिए दिया था। यह गिफ्ट बड़े पैमाने पर नहीं था, क्योंकि यह सैनिकों के वेतन की पूरी रकम का महज एक छोटा सा हिस्सा था, लेकिन फिर भी यह एक असामान्य घटना है। इसके चलते इस घटना मे नैतिकता को लेकर सवालों खड़ें कर दिए हैं।

डोनर की पहचान न बताना पर शक

राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक इवेंट के दौरान डोनेशन की जानकारी दी और कहा, मैं इसे देशभक्त कहता हूँ। हालांकि, उन्होंने इस गुमनाम डोनर का नाम सार्वजनिक नहीं किया, केवल इतना कहा कि वह व्यक्ति पहचान नहीं चाहता था। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका दोस्त यह गिफ्ट इस शर्त पर दे रहा था कि इसका इस्तेमाल मिलिट्री के पेमेंट और बेनिफिट्स के लिए किया जाएगा।

इस समय सरकारी शटडाउन अपने 24वें दिन में है और यह अब तक के सबसे लंबे फेडरल शटडाउन में से एक बनता जा रहा है। कांग्रेस में गतिरोध बना हुआ है, जहां रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स दोनों अपने बड़े विवादों पर कोई समझौता करने को तैयार नहीं हैं। मिलिट्री के सैलरी पेमेंट को लेकर दोनों पार्टियों के सांसदों के बीच चिंता बनी हुई है, क्योंकि यह मुद्दा राजनीतिक फायदा भी प्रदान कर सकता है।

डोनेशन की वैधता पर सवाल

हालांकि, 130 मिलियन डॉलर एक बड़ी रकम है, लेकिन यह मिलिट्री की सैलरी की जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी अरबों डॉलर का बस एक छोटे से हिस्से को ही पूरा करता है। इस डोनेशन पर कई सवाल उठ रहे हैं, खासकर इसके वैधता और पारदर्शिता को लेकर। पार्टनरशिप फॉर पब्लिक सर्विस के प्रेसिडेंट मैक्स स्टियर ने इस पर चिंता जताई और इसे पागलपन करार दिया है।