अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
Trump Removes National Guard Chicago LA: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड जैसे प्रमुख शहरों से नेशनल गार्ड के सैनिकों को वापस बुलाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ट्रंप ने अवैध इमिग्रेशन और बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से डेमोक्रेट शासित इन शहरों में सेना तैनात की थी।
हालांकि इस कदम को स्थानीय नेताओं और अदालतों में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। अब सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद राष्ट्रपति ने इन महान देशभक्तों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से दावा किया कि नेशनल गार्ड की मौजूदगी के कारण इन शहरों में अपराध दर में भारी गिरावट आई है। उन्होंने सैनिकों की सराहना करते हुए कहा कि केवल इन देशभक्तों की वजह से ही ये शहर पूरी तरह बर्बाद होने से बच गए हैं। ट्रंप के अनुसार संघीय हस्तक्षेप ने इन डेमोक्रेट शासित क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
दिसंबर में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शिकागो क्षेत्र में इमिग्रेशन पर लगाम लगाने के लिए नेशनल गार्ड की तैनाती की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। यह आदेश ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा कानूनी झटका माना गया, जिसने राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों पर अंकुश लगाने का काम किया। कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद सरकार के पास सैनिकों को वापस बुलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
स्थानीय नेताओं और अटॉर्नी जनरल ने ट्रंप के इस कदम की आलोचना करते हुए इसे राज्य के अधिकारों में निरंकुशतापूर्ण अतिक्रमण करार दिया था। इसके जवाब में ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि उनके जाने के बाद अपराध फिर से बढ़ा, तो वे दोबारा वापस आएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में सेना की वापसी और भी अधिक मजबूत और अलग रूप में हो सकती है।
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लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड जैसे शहरों के साथ ट्रंप प्रशासन का टकराव जगजाहिर रहा है, जहाँ स्थानीय प्रशासन ने संघीय सेना का पुरजोर विरोध किया। डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के अटॉर्नी जनरल ब्रायन श्वाब ने भी 2,000 से अधिक सैनिकों की तैनाती रोकने के लिए मुकदमा दायर किया था। यह पूरी कानूनी लड़ाई अब ट्रंप की आक्रामक नीतियों के लिए एक बड़ी बाधा साबित हो रही है।
राष्ट्रपति ने साफ किया कि नेशनल गार्ड को हटाना केवल वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर लिया गया एक कूटनीतिक फैसला है। उनका मानना है कि संघीय सरकार के हस्तक्षेप के बिना इन शहरों का प्रबंधन संभव नहीं है और सुरक्षा बिगड़ने पर वे हस्तक्षेप करेंगे। यह घोषणा दर्शाती है कि आने वाले समय में व्हाइट हाउस और स्थानीय डेमोक्रेट नेताओं के बीच तनाव और बढ़ सकता है।