Jaishankar की यूनुस से दूरी: बांग्लादेश दौरे पर भारत का कड़ा कूटनीतिक संदेश, तनाव बरकरार

India Bangladesh Tensions: विदेश मंत्री ने ढाका यात्रा में प्रोफेसर यूनुस से मुलाकात नहीं की। BNP नेता तारिक रहमान से मिलकर भारत ने बांग्लादेश में बढ़ते तनाव और भविष्य की राजनीति पर बड़ा संकेत दिया है।
Jaishankar Skips Meeting with Yunus in Dhaka; Strong Diplomatic Signal Amid Tensions
विदेश मंत्री एस. जयशंकर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Jaishankar Skips Meeting With Yunus: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की हालिया बांग्लादेश यात्रा ने दक्षिण एशियाई राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ढाका पहुंचने के बावजूद जयशंकर ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस से कोई मुलाकात नहीं की, जिसे एक बड़े कूटनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले और बढ़ते भारत विरोधी स्वर ने नई दिल्ली को सतर्क कर दिया है। यह यात्रा दर्शाती है कि भारत वर्तमान हालातों और अंतरिम सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी गंभीर नाराजगी और चिंता को खुलकर जाहिर कर रहा है।

यूनुस से दूरी और कूटनीतिक संकेत

डॉ. जयशंकर ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से न मिलकर यह साफ कर दिया है कि द्विपक्षीय संबंध फिलहाल सामान्य नहीं हैं। जहां नेपाल और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने यूनुस से मुलाकात की, वहीं भारत का उनसे दूरी बनाना द्विपक्षीय तनाव की गंभीरता को उजागर करता है। भारत इस समय बांग्लादेश के भीतर पनप रही अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों पर करीबी नजर रख रहा है।

विपक्षी दल BNP के साथ बढ़ती नजदीकी

जयशंकर ने अपनी यात्रा के दौरान BNP के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की, जो भविष्य के कूटनीतिक समीकरणों की ओर इशारा करता है। तारिक रहमान को देश के अगले संभावित प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है और उनसे मिलना भारत की भविष्योन्मुखी रणनीति का हिस्सा है। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी का विशेष संवेदना पत्र भी रहमान को व्यक्तिगत रूप से सौंपा।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और भारत की चिंता

बांग्लादेश में हाल के दिनों में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुई हिंसा और इस्कॉन मंदिरों में तोड़फोड़ ने भारत के रुख को और कड़ा कर दिया है। जयशंकर की यह रणनीति स्पष्ट करती है कि जब तक जमीनी स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक राजनयिक स्तर पर गर्मजोशी की उम्मीद कम है। भारत अब केवल औपचारिक बातों के बजाय ठोस और सुरक्षात्मक कार्रवाई की मांग कर रहा है।

पाकिस्तान और नेपाल का सक्रिय रुख

भारत के विपरीत पाकिस्तान और नेपाल के प्रतिनिधियों ने प्रोफेसर यूनुस से जमुना स्टेट गेस्ट हाउस में सहजता से मुलाकात की है। ये देश बांग्लादेश की नई व्यवस्था के साथ अपने संबंधों को मजबूती देने की कोशिशों में जुटे हुए नजर आ रहे हैं। इससे पता चलता है कि ढाका में सत्ता परिवर्तन के बाद अंतरराष्ट्रीय गठबंधन और क्षेत्रीय प्रभाव की नई होड़ शुरू हो चुकी है।

दक्षिण एशिया में बदलती राजनीतिक बिसात

जयशंकर की इस यात्रा ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब बांग्लादेश में हर राजनीतिक शक्ति के साथ अपने विकल्प खुले रखना चाहता है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष से मुलाकात और BNP के साथ संवाद इसी व्यापक कूटनीतिक बिसात का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आने वाले समय में भारत-बांग्लादेश के रिश्ते पूरी तरह से अंतरिम सरकार की नीतियों पर ही निर्भर करेंगे।

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