डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Warns Iran on Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच घोषित सीजफायर के बावजूद तनाव लगातार बना हुआ है। अब डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम के 24 घंटे के भीतर ईरान को नई और सख्त चेतावनी दी है।उन्होंने ईरान से कहा है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी तरह का टोल या शुल्क न लगाए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि बहुत जल्द तेल की आपूर्ति सामान्य रूप से बहाल हो जाएगी चाहे इसमें ईरान सहयोग करे या नहीं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान ने दो हफ्ते के सीजफायर के तहत इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को आंशिक रूप से फिर से खोलने पर सहमति जताई है। रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआती चरण में प्रतिदिन केवल 15 जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी जा रही है, और इसके लिए विशेष अनुमति तथा प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य किया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर ईरान टैंकरों से शुल्क वसूल रहा है तो यह स्वीकार्य नहीं है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि वर्तमान समझौते के तहत ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। इसके बाद उन्होंने दूसरी पोस्ट में कहा कि ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग के संचालन में “बहुत खराब काम” कर रहा है और अमेरिका अपनी शर्तों के अनुसार स्थिति को बदलने में सक्षम है।
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान कुछ जहाजों से ट्रांजिट फीस क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से वसूलने पर विचार कर सकता है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान के तेल और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि निर्यात प्रक्रिया में नए नियम लागू किए जा रहे हैं।
इस पूरे विवाद का केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक बाजारों पर बड़ा असर डाल सकती है।
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विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की सख्त बयानबाजी के बावजूद असली स्थिति जटिल है, क्योंकि इस क्षेत्र में किसी भी स्थायी बदलाव के लिए ईरान की भूमिका निर्णायक बनी रहेगी। युद्धविराम के बाद भी समुद्री ट्रैफिक सीमित है, और हालिया डेटा के अनुसार प्रतिदिन केवल लगभग 10 जहाज ही इस जलमार्ग से गुजर पा रहे हैं।