ईरान-अमेरिका के बाद रूकेगी रूस-यूक्रेन की जंग, सीजफायर के लिए तैयार हुए पुतिन-जेलेंस्की, क्रेमलिन ने किया ऐलान

Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच बड़ी राहत! राष्ट्रपति पुतिन ने ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के अवसर पर 32 घंटे के युद्धविराम का ऐलान किया है। जेलेंस्की ने भी शांति की इस पहल का स्वागत किया है।
Russia-Ukraine Ceasefire
रूस-यूक्रेन के बीच युद्धविराम की घोषणा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Russia-Ukraine Ceasefire: ईरान-अमेरिका युद्धविराम के बाद अब वैश्विक स्तर पर एक और राहतभरी खबर सामने आई है। रूस और यूक्रेन के बीच भी अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) का ऐलान किया गया है। हालांकि यह स्थायी नहीं, बल्कि सीमित अवधि के लिए लागू किया गया कदम है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के अवसर पर दो दिनों के युद्धविराम की घोषणा की है। 

क्रेमलिन की ओर से जारी बयान के अनुसार, 11 अप्रैल को शाम 4 बजे से लेकर 12 अप्रैल के अंत तक सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने का फैसला लिया गया है। यानी कुल मिलाकर लगभग 32 घंटे का यह सीजफायर रहेगा। रूस ने उम्मीद जताई है कि यूक्रेन भी इस पहल का पालन करेगा और शांति बनाए रखने में सहयोग देगा।

ईसाई समुदाय के लिए अहम है ईस्टर

ऑर्थोडॉक्स ईस्टर ईसाई समुदाय का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे जूलियन कैलेंडर के अनुसार रूस और यूक्रेन में मनाया जाता है। इस साल यह 12 अप्रैल को पड़ रहा है। इसी धार्मिक अवसर को ध्यान में रखते हुए युद्धविराम की घोषणा की गई है, ताकि लोगों को त्योहार के दौरान कुछ राहत मिल सके। दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी इस घोषणा पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पहले भी ईस्टर के दौरान युद्धविराम का प्रस्ताव दे चुका है और अब भी समान कदम उठाने के लिए तैयार है। जेलेंस्की ने कहा कि आम लोगों को एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण ईस्टर मिलना चाहिए, और यह युद्धविराम उसी दिशा में एक अवसर हो सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूस के पास मौका है कि वह ईस्टर के बाद भी हमले दोबारा शुरू न करे।

अमेरिका निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका

व्लादिमीर पुतिन का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में जेलेंस्की ने ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने का प्रस्ताव रखा था। बताया गया कि इस प्रस्ताव में अमेरिका की भी मध्यस्थ भूमिका रही है, जो मॉस्को और कीव के बीच बातचीत में शामिल है। यह युद्ध अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जिससे दोनों देशों के साथ-साथ वैश्विक स्थिरता पर भी असर पड़ा है।

रूस-यूक्रेन युद्ध 2022 से लगातार जारी है और इसमें भारी जन-धन की हानि हो चुकी है। ऐसे में यह अस्थायी सीजफायर भले ही छोटा कदम हो, लेकिन इसे शांति की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।  

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