रूस से व्यापार करने वाले देशों कोे ट्रंप की चेतावनी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump Tariff War: अमेरिका और रूस के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के देशों को एक कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि कोई भी देश यदि रूस के साथ व्यापार जारी रखता है, तो उसका परिणाम बेहद सख्त आर्थिक प्रतिबंधों के रूप में सामने आएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी कांग्रेस रूस पर नए और कड़े प्रतिबंध लगाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या रूस और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बढ़ाने के लिए कांग्रेस की ओर से नए कदम उठाने का समय आ गया है, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने सुना है कि संसद इस दिशा में आगे बढ़ रही है और उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि रूस के साथ व्यापार करने वाले सभी देशों को अमेरिका से “बहुत कड़ी पाबंदियों” का सामना करना पड़ेगा।
राष्ट्रपति ने आगे स्पष्ट किया कि यह सख्ती केवल रूस तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस दायरे में ईरान को भी शामिल कर सकता है, क्योंकि दोनों देशों के बीच रणनीतिक और ऊर्जा संबंध लंबे समय से गहरे रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि कोई भी देश जो रूस के साथ व्यापार करेगा, उस पर बहुत कठोर प्रतिबंध लगाए जाएंगे। हम इसमें ईरान को भी शामिल कर सकते हैं।
ट्रंप प्रशासन पहले ही भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने का फैसला कर चुका है, जो दुनिया के सबसे ऊंचे शुल्कों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह शुल्क केवल व्यापारिक चिंताओं से नहीं, बल्कि रूस से भारत के ऊर्जा आयात को लेकर अमेरिकी असंतोष से भी जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी लगाया गया है जो ट्रंप प्रशासन की ओर से रूस से जुड़े लेनदेन पर दबाव बढ़ाने का हिस्सा है।
अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति में सांसद लिंडसे ग्राहम द्वारा पेश किया गया एक विधेयक लगभग सर्वसम्मति से आगे बढ़ा है। इस विधेयक में रूस से तेल की खरीद और बिक्री पर 500 प्रतिशत तक का शुल्क लगाने का प्रावधान है जो वैश्विक ऊर्जा बाजार को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।
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ग्राहम व रिचर्ड ब्लूमेंथल द्वारा संयुक्त रूप से पेश किए गए “रूस प्रतिबंध अधिनियम 2025” में उन देशों पर शुल्क और प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है जो यूक्रेन में चल रहे युद्ध के दौरान रूस को आर्थिक रूप से सहायता प्रदान कर रहे हैं।