Xi ने मुझे बुलाया है…जापान-चीन तनाव के बीच ट्रंप ने जिनपिंग को घुमाया फोन, बताया कब जाएंगे बीजिंग
Trump China Visit: ट्रंप और शी जिनपिंग ने फोन पर व्यापार, ताइवान और यूक्रेन पर चर्चा की। चीन ने ताइवान को अपना महत्वपूर्ण मुद्दा बताया, जबकि ट्रंप ने किसानों से जुड़े समझौते पर जोर दिया।
- Written By: अक्षय साहू
शी जिनपिंग, डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Xi Jinping Phone Call: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत की जानकारी सबसे पहले चीन की ओर से दी गई। हालांकि बीजिंग ने ट्रंप की संभावित राजकीय यात्रा के बारे में कुछ नहीं कहा, लेकिन उसने बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार, ताइवान और यूक्रेन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत के दौरान शी जिनपिंग ने ट्रंप से कहा कि ताइवान का चीन में वापस जुड़ना युद्ध के बाद बनी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का एक जरूरी हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ताइवान का मुद्दा चीन के लिए बेहद संवेदनशील और अहम है। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ताइवान से जुड़ी इस टिप्पणी का जिक्र नहीं किया।
जिनपिंग से हुई सकारात्मक बातचीत: ट्रंप
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उनकी शी जिनपिंग से बहुत सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि इस बातचीत में यूक्रेन, रूस, फेंटेनाइल, सोयाबीन और दूसरे कृषि उत्पादों पर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने यह दावा भी किया कि दोनों देशों ने अपने किसानों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण समझौता किया है और भविष्य में यह समझौता और बेहतर होगा।
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उन्होंने यह भी बताया कि यह बातचीत 30 अक्टूबर को दक्षिण कोरिया में हुई उनकी बहुत सफल मुलाकात के बाद हुई। ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों ने हाल के समझौतों को बनाए रखने और उन्हें और मजबूत करने में अच्छी प्रगति की है।
हालाँकि दोनों पक्षों ने अपनी बातचीत के कुछ हिस्सों का जिक्र नहीं किया, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका और चीन के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी पूरी तरह सुलझे नहीं हैं। फिर भी, दोनों देश व्यापारिक तनाव कम करने और आपसी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि इनके बीच का विवाद वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।
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चीन और जापान के संबंधों में तनाव
यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब चीन और जापान के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की एक हालिया टिप्पणी ने विवाद को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा था कि अगर चीन ताइवान पर कोई सैन्य कार्रवाई करता है, तो जापान की सेना भी इसमें शामिल हो सकती है। जापान अमेरिका का करीबी सहयोगी है। ताइवान एक स्वशासित द्वीप है, जिसे चीन अपना हिस्सा मानता है।
