डोनाल्ड ट्रंप का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा बयान (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump on Hormuz Crisis: ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा बयान देते हुए इससे दूरी बनाने के संकेत दिए हैं। राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका को इस समुद्री मार्ग से तेल लेने की जरूरत नहीं है, इसलिए इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उन देशों को उठानी चाहिए जो इस रास्ते पर निर्भर हैं।
उनके इस रुख से यह संकेत मिल रहा है कि होर्मुज को लेकर अमेरिका का दृष्टिकोण बदल रहा है और फिलहाल इस क्षेत्र में तनाव कम होने की संभावना नहीं दिख रही, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट लंबा खिंच सकता है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका लगभग इस मार्ग से तेल आयात नहीं करता, इसलिए उसे इसकी सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जो देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल प्राप्त करते हैं, उन्हें ही इस मार्ग को सुरक्षित रखना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब ईरान के साथ युद्ध समाप्त होगा, तब यह रास्ता अपने आप सभी के लिए खुल जाएगा।
दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग एक-चौथाई हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। भारत जैसे देशों के लिए यह और भी अहम है, क्योंकि उसकी बड़ी ऊर्जा जरूरतें इसी मार्ग पर निर्भर हैं। युद्ध के चलते ईरान ने इस रास्ते को अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के लिए प्रभावी रूप से बाधित कर दिया है, जिससे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है और कई जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान पर हमला क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा कूटनीति रही, लेकिन ईरान ने परमाणु कार्यक्रम जारी रखा और किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं किया। इसी कारण जून में “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” के तहत ईरान की प्रमुख परमाणु सुविधाओं पर हमला किया गया, जिसमें अमेरिकी B-2 बमवर्षकों ने अहम भूमिका निभाई।
ट्रंप ने दावा किया कि इन हमलों में ईरान के परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन इसके बावजूद ईरान ने दूसरे स्थान पर अपना कार्यक्रम फिर से शुरू करने की कोशिश की। उनके अनुसार, ईरान तेजी से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें भी विकसित कर रहा था, जो भविष्य में अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों के लिए खतरा बन सकती थीं।
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अंत में, ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती, तो ईरान परमाणु हथियार हासिल कर सकता था। उनका कहना था कि ईरान इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा था और लगभग उस स्थिति तक पहुंच चुका था, जहां वह परमाणु बम बना सकता था।