डोनाल्ड ट्रंप, कॉन्सेप्ट फोटो 
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ट्रंप की नाकेबंदी नीति ईरान में फेल? जानें क्यों तेहरान में वेनेजुएला जैसा जादू नहीं दिखा पा रहे US राष्ट्रपति

Trump Naval Blockade Strategy: ट्रंप ईरान पर वही नौसैनिक नाकेबंदी लागू करना चाहते हैं जो वेनेजुएला और क्यूबा में सफल रही थी। हालांकि, ईरान की सैन्य ताकत ने इस रणनीति को कमजोर कर दिया है।

अमन उपाध्याय

Trump Naval Blockade Strategy Failure In Iran: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने के लिए नौसैनिक नाकेबंदी को एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं। वेनेजुएला और क्यूबा जैसे देशों पर यह रणनीति कारगर साबित हुई लेकिन जब इसी फॉर्मूले को ईरान पर आजमाया गया तो नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं निकले हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र की जमीनी हकीकत कैरेबियन देशों की तुलना में काफी अलग और चुनौतीपूर्ण है।

ईरान का सबसे बड़ा हथियार क्या है?

ईरान के खिलाफ ट्रंप की रणनीति के विफल होने का सबसे बड़ा कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। ईरान ने इस मार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और इसे एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, यह तनाव जितना लंबा खिंचेगा, वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन को उतना ही अधिक नुकसान होगा, जिससे अमेरिका समेत पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ सकती है। चुनावी साल में तेल की बढ़ती कीमतें ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं।

वेनेजुएला और क्यूबा से क्यों अलग है ईरान?

सैन्य इतिहासकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर दबाव बनाना वेनेजुएला या क्यूबा जितना आसान नहीं है। वेनेजुएला में ट्रंप को वहां के आंतरिक राजनीतिक समीकरणों और विपक्षी नेताओं का साथ मिला था लेकिन ईरान में जनता और नेतृत्व अमेरिका के खिलाफ एकजुट नजर आ रहे हैं। इसके अलावा, क्यूबा एक छोटा द्वीप देश है जो अमेरिकी सीमा के बेहद करीब है और दशकों से आर्थिक घेराबंदी झेल रहा है। वहीं, ईरान एक बड़ी सैन्य शक्ति है जिसका भूगोल और जवाबी हमले की क्षमता अमेरिका के लिए बड़ा जोखिम पैदा करती है।

'शैडो फ्लीट' की क्या है चुनौती?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भले ही कई जहाजों को रोकने का दावा किया हो लेकिन समुद्री विश्लेषकों का कहना है कि ईरान अब भी तेल निर्यात करने में सफल हो रहा है। ईरान 'शैडो फ्लीट'और 'लोकेशन स्पूफिंग' जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर अमेरिकी निगरानी को धता बता रहा है।

लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, 13 अप्रैल 2026 के बाद से होर्मुज के बाहर कम से कम 11 ऐसे तेल टैंकर देखे गए हैं जिनमें ईरानी माल लदा हुआ था। भारी शिपिंग ट्रैफिक के बीच हर एक जहाज की निगरानी करना अमेरिकी नौसेना के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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