कोई हिचक नहीं, देखते ही गोली मार दो: होर्मुज में माइन बिछाने वालों पर ट्रंप का सख्त रुख, फिर बढ़ा तनाव

Trump Shoot To Kill Order: ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को होर्मुज में विस्फोटक बिछाने वाली किसी भी नाव को तुरंत उड़ाने का सख्त आदेश दिया है। इससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
No Hesitation—Shoot on Sight: Trump Takes Hard Line Against Mine-Layers in Hormuz; Tensions Escalate Again
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मिडिया)
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Trump Shoot To Kill Order Strait Of Hormuz: दुनिया के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद सख्त और आक्रामक सैन्य आदेश जारी किया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया में 'डेथ वारंट' के तौर पर देखा जा रहा है।

ट्रंप ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि कोई भी संदिग्ध नाव या जहाज होर्मुज के पानी में माइन (समुद्री सुरंग) बिछाता हुआ पाया जाता है, तो उसे बिना किसी चेतावनी के तुरंत नष्ट कर दिया जाए।

बिना चेतावनी सीधी कार्रवाई के निर्देश

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने आदेश में किसी भी प्रकार की देरी या हिचक की गुंजाइश नहीं छोड़ी है। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को निर्देशित किया है कि माइन बिछाने की आशंका होने पर किसी भी नाव को देखते ही मार गिराया जाए। ट्रंप के शब्दों में, 'इसमें कोई सोच-विचार नहीं होना चाहिए और न ही किसी चेतावनी का इंतजार किया जाना चाहिए। अगर कोई विस्फोटक बिछाते हुए नजर आता है, तो सीधी कार्रवाई की जाए।' यह आदेश ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में पहले से ही भारी सैन्य तनाव बना हुआ है।

ईरान को कड़ा संदेश

हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने इस बयान में आधिकारिक तौर पर किसी देश का नाम नहीं लिया है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनका निशाना सीधे तौर पर ईरान की ओर है। ईरान पहले भी कई बार अपनी शक्ति प्रदर्शन के तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने या वहां बाधा डालने की धमकी दे चुका है। ट्रंप का यह आदेश ईरान के लिए एक खुली चेतावनी माना जा रहा है, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत का दौर भी चल रहा है।

माइन हटाने का अभियान तीन गुना तेज

सिर्फ हमले के आदेश ही नहीं, बल्कि ट्रंप ने समुद्री सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सुरक्षात्मक कदमों को भी बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि होर्मुज क्षेत्र में माइन हटाने के काम की गति को तीन गुना बढ़ा दिया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रकार की विस्फोटक साजिश से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग बाधित न हो।

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित एक बेहद संकरा समुद्री रास्ता है, जिसकी न्यूनतम चौड़ाई केवल 33 किलोमीटर है। लेकिन इस छोटे से रास्ते का महत्व पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बेजोड़ है क्योंकि दुनिया का लगभग 20 से 25 प्रतिशत तेल यहीं से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, यूएई और कुवैत जैसे बड़े तेल निर्यातक देश इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा

जानकारों ने चेतावनी दी है कि इस 'बिना सोचे गोली मारो' वाली नीति से युद्ध छिड़ने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। यदि किसी गलतफहमी या संदिग्ध गतिविधि के कारण किसी निर्दोष नाव पर भी कार्रवाई होती है तो यह एक वैश्विक महायुद्ध की शुरुआत कर सकता है। होर्मुज में होने वाली कोई भी बड़ी सैन्य घटना वैश्विक तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा सकती है, जिससे हर देश की जीडीपी और आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

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