हमारी उंगली अभी भी ट्रिगर पर...सीजफायर के बीच नेतन्याहू की ईरान को बड़ी धमकी, कहा- युद्धविराम अंत नहीं

Israel-Iran War: नेतन्याहू ने ईरान-अमेरिका सीजफायर पर तोड़ी चुप्पी; कहा- "हमारी उंगली ट्रिगर पर है।" इजरायल ने दावा किया कि ईरान की मिसाइल क्षमता खत्म हो चुकी है और वे दोबारा युद्ध के लिए तैयार हैं।
Netanyahu Threatens Iran
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Netanyahu Threatens Iran: अमेरिका और ईरान के बीच लगभग एक महीने से चल रहे युद्ध को 8 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण मोड़ मिला, जब दोनों देशों ने 15 दिन के लिए सीजफायर पर सहमति जताई। इसी बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने युद्धविराम को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बावजूद, इजरायल किसी भी समय युद्ध में लौटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

बुधवार को नेतन्याहू ने साफ किया कि छह हफ्तों तक चले संघर्ष में इजरायल ने कई अहम लक्ष्य हासिल किए हैं और अब वह पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है, हालांकि कुछ उद्देश्य अभी भी अधूरे हैं। इसके साथ ही इजरायल लेबनान पर लगातार हमले कर रहा है।

हमारे कुछ लक्ष्य अभी बाकी हैं: नेतन्याहू

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम की घोषणा के बाद अपनी पहली प्रेस ब्रीफिंग में नेतन्याहू ने कहा, “हमारे कुछ लक्ष्य अभी बाकी हैं और हम उन्हें हासिल करेंगे चाहे समझौते के जरिए या फिर दोबारा लड़ाई करके।” उन्होंने दावा किया कि इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान की ताकत को काफी कमजोर कर दिया है और मौजूदा समय में ईरान पहले से ज्यादा कमजोर स्थिति में है। नेतन्याहू ने यह भी दोहराया कि इजरायल पूरी तरह सतर्क है और जरूरत पड़ने पर तुरंत सैन्य कार्रवाई फिर शुरू कर सकता है। उनके शब्दों में, “हमारी उंगली अभी भी ट्रिगर पर है। यह अभियान खत्म नहीं हुआ है, बल्कि अपने सभी लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक कदम है।”

विपक्ष पर भड़के इजरायली पीएम

उन्होंने विपक्ष की आलोचनाओं का भी जवाब दिया। विपक्षी नेताओं ने युद्धविराम को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे, लेकिन नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह समझौता पूरी तरह इजरायल के साथ तालमेल में हुआ है और इसमें किसी तरह की हैरानी की बात नहीं है।

इजरायल के मुख्य विपक्षी नेता याइर लैपिड ने इस युद्धविराम को देश के लिए “राजनयिक विफलता” बताया और कहा कि सरकार अपने घोषित लक्ष्यों को हासिल नहीं कर सकी। इसके जवाब में बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि इजरायल ने ईरान के “आतंकी शासन” को कई साल पीछे धकेल दिया है और उसकी बुनियादी ताकत को कमजोर किया है।

ईरान अब नहीं बना पाएगा मिसाइल

इजरायली प्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि इजरायल ने ईरान की मिसाइल क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जिससे वह नई मिसाइलें बनाने में सक्षम नहीं रह गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भी भारी झटका लगा है और कई प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों को मार गिराया गया है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर किया जाएगा और इस मुद्दे पर अमेरिका और इजरायल के बीच पूरी सहमति है।

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