राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Missile Attack Israel: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध एक निर्णायक लेकिन और भी अधिक विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित करते हुए घोषणा की है कि ईरान में अमेरिकी सेना के ‘मुख्य रणनीतिक उद्देश्य’ पूरे होने के करीब हैं। हालांकि, मिशन की सफलता के दावों के बावजूद, ट्रंप ने ईरान को Stone Ages में वापस भेजने की कसम खाते हुए अगले 2 से 3 हफ्तों तक भीषण बमबारी जारी रखने का संकल्प लिया है।
ट्रंप के दावों के विपरीत, ईरान ने गुरुवार को इजरायल और खाड़ी अरब देशों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागकर अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। जब ट्रंप अपना भाषण दे रहे थे उसी समय दुबई में विस्फोटों की आवाज सुनी गई और इजरायल के बनेई ब्रैक में हवाई हमले के सायरन बजने लगे, जिससे लोगों को बम आश्रयों में शरण लेनी पड़ी। ईरान के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोलफाघरी ने कहा कि अब तक हुए अमेरिकी हमले ‘महत्वहीन’ हैं और उनके पास हथियारों का विशाल गुप्त भंडार सुरक्षित है।
इस संघर्ष का सबसे गहरा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है। Strait of Hormuz में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिकी क्रूड $110 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है जिससे वॉल स्ट्रीट और दुनिया भर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई है।
आंकड़ों के अनुसार, होर्मुज मार्ग से होने वाला समुद्री व्यापार पिछले साल की तुलना में 94% तक गिर गया है। इस बीच, भारत के लिए राहत की बात यह रही कि भारतीय गैस टैंकर ‘जग वसंत’ सुरक्षित रूप से मुंबई बंदरगाह पहुंच गया है।
युद्ध के कारण मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अब तक:
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बढ़ते रक्तपात को देखते हुए पोप लियो XIV ने ‘ईस्टर’ के अवसर पर इस युद्ध को तुरंत समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने इजरायल और अमेरिका से ईरान के साथ संवाद शुरू करने का आग्रह किया है ताकि और अधिक मासूमों की जान न जाए। वहीं, ब्रिटेन की अध्यक्षता में 35 से अधिक देश होर्मुज मार्ग को सुरक्षित रूप से दोबारा खोलने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक रास्तों पर चर्चा कर रहे हैं।