अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
Trump Statement On Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान देकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। उन्होंने डेली मेल को दिए एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ चल रही यह सैन्य कार्रवाई अपने अंतिम पड़ाव की ओर तेजी से बढ़ रही है। ट्रंप के अनुसार यह महायुद्ध अगले चार सप्ताह या उससे भी कम समय में पूरी तरह समाप्त हो सकता है क्योंकि अमेरिकी सेना का ऑपरेशन बहुत सटीक है। हालांकि, इस जंग में पहली बार तीन अमेरिकी सर्विस मेंबर्स की जान जाने की दुखद खबर ने व्हाइट हाउस और पूरे अमेरिका को शोक में डुबो दिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने विश्वास जताया है कि यह पूरी सैन्य प्रक्रिया हमेशा से केवल चार सप्ताह की योजना थी और सेना अब अपने तय शेड्यूल से काफी आगे चल रही है। उनका मानना है कि ईरान एक बड़ा देश है लेकिन अमेरिकी और इजरायली हमलों ने उनके हौसलों को पस्त कर दिया है और अब वहां बड़े बदलाव की उम्मीद है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान का नया नेतृत्व अब बातचीत की मेज पर आने को बेताब है क्योंकि उन्हें अपनी हार का अहसास बखूबी होने लगा है।
ट्रंप ने गर्व से दावा किया कि इस ऑपरेशन के दौरान ईरान के शीर्ष नेतृत्व के 48 प्रमुख लोगों को अमेरिकी और इजरायली सेना ने सफलतापूर्वक ढेर कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि उन्होंने जितना सोचा था उससे कहीं अधिक प्रभावी ढंग से ईरानी कमांड स्ट्रक्चर को पूरी तरह ध्वस्त किया है। ईरानी नेतृत्व के इस बड़े नुकसान ने वहां की सरकार को कमजोर कर दिया है और अब वे अपने भविष्य को लेकर गंभीर रूप से चिंतित और डरे हुए दिखाई दे रहे हैं।
इस युद्ध के दौरान तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत पर ट्रंप ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उन्हें ‘महान’ बताया और उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके दूसरे कार्यकाल में यह पहली बार है जब अमेरिकी जनहानि हुई है क्योंकि वेनेजुएला या परमाणु ठिकानों पर हमलों में कोई जनहानि नहीं हुई थी। डोनाल्ड ट्रंप ने वादा किया है कि वे बहुत जल्द शहीद सैनिकों के परिवारों से खुद मुलाकात करेंगे और इस कठिन घड़ी में उनके साथ खड़े होकर हर संभव मदद प्रदान करेंगे।
सऊदी अरब भी अब इस लड़ाई में सक्रिय रूप से शामिल हो गया है क्योंकि उसे भी ईरान समर्थित ताकतों द्वारा लगातार निशाना बनाकर डराने की कोशिश की गई थी। ट्रंप ने बहरीन, कतर और जॉर्डन जैसे मित्र देशों के नेताओं से भी विस्तार से चर्चा की है ताकि क्षेत्र में स्थिरता और शांति को दोबारा स्थापित किया जा सके। उनका मानना है कि इन भीषण हमलों के बाद ईरान में लोकतंत्र के पनपने की संभावनाएं बढ़ गई हैं जो कि आने वाले समय में एक बहुत ही सकारात्मक बदलाव होगा।
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जहां एक तरफ बड़े नेता विदेशी धरती पर हो रही मौतों और शहादत पर शोक जता रहे हैं, वहीं आम जनता आज भी इस युद्ध की विभीषिका में पिसने को मजबूर है। अक्सर देखा गया है कि सत्ता के गलियारों में बैठे लोग दिखावे के लिए आंसू तो बहाते हैं लेकिन अपनी ही जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता हमेशा सवालों के घेरे में रहती है। जब कराची जैसे शहरों में बेगुनाह लोग अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं तो उन पर गोलियां बरसाई जाती हैं, जो साबित करता है कि हुक्मरानों का दर्द अक्सर दिखावटी होता है।