डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Donald Trump Address to Nation: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर राष्ट्र को संबोधित करते हुए संकेत दिया है कि अमेरिका अपने लक्ष्यों के करीब पहुंच चुका है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद यह उनका पहला बड़ा संबोधन था। भाषण में भले ही कोई बड़ा नया ऐलान नहीं हुआ, लेकिन ट्रंप की पांच अहम बातें इस ओर इशारा करती हैं कि अमेरिका इस युद्ध से बाहर निकलने की तैयारी कर रहा है।
सबसे पहले, ट्रंप ने एक बार फिर 2-3 हफ्तों की समयसीमा दोहराई। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ हफ्तों में अमेरिका ईरान पर हमले जारी रखेगा और युद्ध अपने अंतिम चरण में पहुंच जाएगा। उनके अनुसार, अमेरिकी सेना बहुत जल्द अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर लेगी।
दूसरी अहम बात यह रही कि ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने रणनीतिक उद्देश्यों को लगभग पूरा कर चुका है। उन्होंने पिछले चार हफ्तों में अमेरिकी सेना द्वारा हासिल की गई “तेज और निर्णायक जीत” की जमकर सराहना की और इसे असाधारण बताया।
तीसरे बिंदु में ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाने का दावा किया। उनके मुताबिक, ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है, वायुसेना तबाह हो गई है और कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि मिसाइल और ड्रोन हमले की क्षमता भी काफी कमजोर कर दी गई है।
चौथे, ट्रंप ने तेल को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। साथ ही उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र करते हुए कहा कि जिन देशों को इस क्षेत्र से तेल चाहिए, उन्हें खुद इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका अन्य देशों को अपना तेल बेचने के लिए तैयार है।
आखिर में, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए नेतृत्व को लेकर नरम रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि नया नेतृत्व पहले की तुलना में कम कट्टर और ज्यादा व्यवहारिक है। इसे युद्धविराम की संभावनाओं के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि अमेरिकी अधिकारी इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए मध्यस्थों के साथ बातचीत कर रहे हैं।
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कुल मिलाकर, ट्रंप के इस संबोधन से यह साफ होता है कि अमेरिका सैन्य दबाव बनाए रखते हुए जल्द ही इस युद्ध को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। हालांकि इजरायल इस युद्ध में आगे क्या करता है इसे लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।