कतर पर हमला हुआ…तो अमेरिका बरसाएगा बम, ट्रंप ने इजरायल के साथ पूरी दुनिया को दे दी चेतावनी
US-Qatar Defense Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी किया, जिसके तहत कतर पर किसी भी हमले को अमेरिका पर हमला माना जाएगा।
- Written By: अक्षय साहू
ट्रंप ने कतर को दी सुरक्षा गारंटी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने बुधवार को एक महत्वपूर्ण एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए हैं। व्हाइट हाउस द्वारा जारी इस आदेश में साफ कहा गया है कि अगर कतर पर कोई सशस्त्र हमला होता है, तो उसे अमेरिका की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा माना जाएगा, और अमेरिका उसकी कड़ी प्रतिक्रिया देगा।
यह आदेश ऐसे वक्त में आया है जब तीन हफ्ते पहले इजरायल ने दोहा में हमास नेताओं को निशाना बनाते हुए हमला किया था। इस हमले की ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी, जबकि कतर ने तीव्र नाराजगी जताई थी। कतर की प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेते हुए ट्रंप ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया कि ऐसा हमला भविष्य में दोबारा न हो।
नेतन्याहू ने कतर से मांगी माफी
इसके तहत ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अपील किया कि वे इस हमले के लिए कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी से औपचारिक रूप से माफी मांगें। नेतन्याहू ने फोन करके कतर से माफी मांगी, जिससे क्षेत्रीय तनाव को कम करने में मदद मिली।
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यह कार्यकारी आदेश गाजा युद्ध को समाप्त करने की ट्रंप की व्यापक योजना का हिस्सा है। दोहा ने इस आदेश की प्रशांसा की है, जबकि नेतन्याहू ने भी इसे स्वीकार कर लिया है। इस आदेश के जरिए अमेरिका ने यह संकेत दिया है कि वह कतर की सुरक्षा को गंभीरता से लेता है और उस पर किसी भी प्रकार के हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा।
कतर में मौजूद अमेरिकी आर्मी बेस
आदेश में यह भी कहा गया है कि अमेरिका अपने और कतर के हितों की रक्षा के लिए सभी वैध और उचित कदम उठाएगा, जिनमें कूटनीतिक, आर्थिक और यदि आवश्यकता हो तो सैन्य विकल्प भी शामिल होंगे। कतर में अमेरिका का एक प्रमुख सैन्य अड्डा भी है, जिसे इस वर्ष की शुरुआत में ईरान द्वारा निशाना बनाया गया था।
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इसके अलावा, कतर ने गाजा संघर्ष में युद्धविराम लाने के लिए एक प्रभावी मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। इसी को मान्यता देते हुए आदेश में कहा गया है कि अमेरिका भविष्य में भी संघर्ष समाधान और मध्यस्थता के लिए कतर के साथ साझेदारी बनाए रखेगा। विदेश मंत्री को निर्देश दिए गए हैं कि वे कतर के साथ इस सहयोग को और मजबूत करें।
