क्या वीटो का इस्तेमाल करेंगे ट्रंप? रिपब्लिकन सांसदों ने ईरान जंग रोकने के प्रस्ताव को दी मंजूरी, बढ़ी टेंशन
US House Passes Iran Resolution: अमेरिकी संसद के निचले सदन 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' ने ईरान के खिलाफ बिना मंजूरी युद्ध करने की राष्ट्रपति ट्रंप की शक्तियों पर रोक लगाने वाला प्रस्ताव पास कर दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US House Passes Iran Resolution Against Trump: ईरान युद्ध पर ट्रंप की शक्तियों पर अंकुश अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी ही संसद में एक बड़ी राजनीतिक हार का सामना करना पड़ा है। अमेरिकी संसद के निचले सदन, ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ ने एक ऐतिहासिक ‘वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन’ को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रंप को संसद की अनुमति के बिना ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई या जंग शुरू करने से रोकना है।
रिपब्लिकन सांसदों का ‘बगावती’ रुख
सदन में इस प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला। प्रस्ताव के पक्ष में 215 वोट पड़े, जबकि विरोध में 208 वोट दर्ज किए गए। गौर करने वाली बात यह है कि रिपब्लिकन पार्टी के पास सदन में मामूली बहुमत होने के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप इसे रोकने में विफल रहे।
इस दौरान रिपब्लिकन पार्टी के चार सांसदों ने अपनी पार्टी के आधिकारिक रुख के खिलाफ जाकर विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रस्ताव का समर्थन किया। यह दलबदल दर्शाता है कि अमेरिकी सांसदों के बीच ईरान के साथ संभावित युद्ध को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Explainer: ईरान ने कर दिया मोसाद वाला कारनामा! इजरायल में खड़ी की जासूसों की फौज, नेतन्याहू की नींद हराम
PoK में प्रदर्शनकारियों की मौत पर बढ़ा तनाव, JAAC ने 23 जुलाई को बड़े आंदोलन का किया ऐलान
रूस पर भारत का सख्त रुख! ओडेसा हमले में 4 भारतीयों की मौत के बाद राजनयिक तलब
अब लाल सागर में मचेगी तबाही! हूतियों ने सऊदी जहाजों की नाकेबंदी का किया ऐलान, तेल बाजार में मचा हड़कंप
वीटो की चुनौती
हालांकि यह जीत प्रतीकात्मक रूप से बहुत बड़ी है, लेकिन इसे कानून बनाने की राह अभी लंबी है। इस प्रस्ताव को प्रभावी होने के लिए अब अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन यानी ‘सीनेट’ की मंजूरी मिलनी आवश्यक है। यदि यह वहां से भी पास हो जाता है तब भी राष्ट्रपति ट्रंप के पास इस पर ‘वीटो’ लगाने का अधिकार सुरक्षित है। उस वीटो को बेअसर करने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी, जो वर्तमान राजनीतिक समीकरणों में काफी मुश्किल नजर आता है।
यह भी पढ़ें:- डोनाल्ड ट्रंप जाएंगे फ्रांस: UFC फाइट के बाद G7 शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल, इन मुद्दों पर हो सकती है बात
ट्रंप का दावा
एक तरफ जहां संसद उनकी युद्ध शक्तियों को सीमित करने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति का राग अलापा है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ उनकी शांति वार्ता बहुत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यहां तक कहा है कि ‘ईरान समझौते पर दस्तखत करने वाला है’ और इस सप्ताह के अंत तक कोई बड़ा शांति समझौता होने की प्रबल संभावना है।
