शपथ से पहले ट्रंप का बड़ा बयान, ग्रीनलैंड और पनामा नहर पर कंट्रोल के लिए कर सकते हैं सेना का इस्तेमाल
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पनामा नहर और ग्रीनलैंड पर अमेरिका का अधिकार है। उन्होंने यहां तक कहा कि इसके लिए वह जरूरत पड़ने पर सेना का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप, फोटोः ( सो. सोशल मीडिया )
वांशिगटनः अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि वह ग्रीनलैंड और पनामा पर अपना नियंत्रण चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस नियंत्रण के लिए वह सैन्य या आर्थिक दबाव का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे। यह बयान उन्होंने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया। इसके अलावा, ट्रंप ने एक नया अमेरिका का नक्शा भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बनाया है।
ट्रंप से जब दबाव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “मैं आपको इन दोनों पर भरोसा नहीं दिला सकता, लेकिन मैं इतना कह सकता हूं कि हमें आर्थिक सुरक्षा के लिए इनकी जरूरत है।” ट्रंप का सपना पनामा नहर और ग्रीनलैंड पर कब्जा करने का है। अगर ऐसा हो गया, तो अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा देश बन जाएगा।
चीन के खतरे को देखते हुए ट्रंप ने बोला
डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा नहर और ग्रीनलैंड के बारे में कहा, “मैं चाहता हूं कि पनामा नहर और ग्रीनलैंड पर हमारा अधिकार हो, क्योंकि ये दोनों अमेरिका के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो हम सैन्य कार्रवाई भी कर सकते हैं। पनामा नहर अमेरिका की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए जरूरी है। चीन पनामा नहर पर अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है, जो अमेरिका के लिए खतरे की बात है।”
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ट्रंप की टिप्पणियों पर डेनमार्क ने की आलोचना
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को खरीदने की टिप्पणी के बाद, डेनमार्क, कनाडा और पनामा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने कहा कि ग्रीनलैंड एक स्वशासित क्षेत्र है, जिसे बेचा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “हमारे बीच अच्छे संबंध हैं, और हमें वित्तीय मुद्दों से एक-दूसरे के खिलाफ नहीं खड़ा होना चाहिए।”
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हम धमकियों से कभी पीछे नहीं हटेंगे
कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने ट्रंप की बातों को “पूरी तरह से समझ की कमी” कहा और यह भी कहा कि, “हम धमकियों के सामने कभी पीछे नहीं हटेंगे।” पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा ने भी ट्रंप के बयान को खारिज किया। उन्होंने कहा, “पनामा नहर का नियंत्रण सिर्फ पनामा के पास रहेगा और यह आगे भी ऐसा ही रहेगा।” अमेरिका ने 1999 तक पनामा नहर का निर्माण और रखरखाव किया था, लेकिन बाद में इसे पनामा सरकार को सौंप दिया गया।
बाइडन पर लगाया ये आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि जो बाइडन सत्ता का हस्तांतरण कठिन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में बाइडन के कुछ कार्यकारी आदेशों का उदाहरण दिया, जिनमें जलवायु और अन्य मामलों पर फैसले शामिल हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर कहा, “बाइडन सत्ता हस्तांतरण को मुश्किल बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इस तरह के फैसले पहले कभी नहीं देखे गए।”
