ट्रंप का हूतियों पर हवाई प्रहार, एयरस्ट्राइक ने मचाई तबाही, 2 की मौत, कई जख्मी
US airstrikes Houthis: अमेरिका ने उस मालवाहक पोत 'गैलेक्सी लीडर' पर हवाई हमला किया, जिसे हूतियों ने नवंबर 2023 से अपने कब्जे में ले लिया था। अमेरिकी हवाई हमलों में दो लोगों की जान चली गई। जबकि 10 लोग घायल हो गए।
- Written By: अमन उपाध्याय
ट्रंप का हूतियों पर हवाई प्रहार, फोटो ( सो. सोशल मीडिया)
नवभारत इंटरनेशनल डेस्क: यमन की राजधानी सना में अमेरिकी हवाई हमलों में दो लोगों की जान चली गई, जबकि इस हमले में दो महिलाओं और तीन बच्चों सहित कुल दस लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि हमलों के दौरान शहर के कई इलाकों को निशाना बनाया गया। फिलहाल सभी घायलों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी चैनल के अनुसार, अमेरिका ने उस मालवाहक पोत ‘गैलेक्सी लीडर’ पर भी हवाई हमला किया, जिसे हूतियों ने नवंबर 2023 से अपने कब्जे में ले लिया था।
रविवार को हूतियों ने इजरायल के नेगेव इलाके में स्थित नेवातिम एयर बेस पर मिसाइल दागने की जिम्मेदारी ली। 48 घंटों के भीतर यह दूसरा हमला था। इजरायली सेना के अनुसार, अरावा क्षेत्र और डेड सी के पास सायरन बजने के बाद मिसाइल को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया था। हालांकि इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
एयर बेस पर हमला
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने बताया कि उनके समूह ने गाजा में जारी युद्ध के बीच फिलिस्तीनियों के समर्थन में (एयर) बेस पर हमला करने के लिए ‘हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल’ का उपयोग किया था। सरिया ने यह भी कहा कि उनका सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक गाजा पर हमले बंद नहीं हो जाते।
सम्बंधित ख़बरें
भारत दौरे पर डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी, आगरा में करेंगी ताजमहल का दीदार; हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
चीन की ‘स्मार्ट कारों’ से डरा अमेरिका! राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर अब रोक लगाने की तैयारी, पेश हुआ नया बिल
रोमानिया की रिहायशी इमारत पर गिरा रूसी ड्रोन, नाटो तक पहुंची यूक्रेन युद्ध की आग; दुनिया में बढ़ी टेंशन
शेख हसीना का बड़ा आरोप- ‘मेरे नेताओं की हो रही है सोची-समझी हत्या’, यूनुस और BNP सरकार पर फूटा गुस्सा
विदेश से जुड़ी अन्य सभी ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
यह हमला उस घटना के बाद हुआ है जब पिछले सप्ताह अमेरिकी हवाई हमलों ने यमन के रास ईसा ईंधन टर्मिनल को निशाना बनाया था, जिसमें कम से कम 74 लोगों की मौत और 171 के घायल हो गए थे। ये हमले अमेरिका और ईरान के बीच रोम में परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी बातचीत की बहाली के तुरंत बाद हुए, जिसे वाशिंगटन ने यमन में ईरान समर्थित गतिविधियों से जोड़कर देखा है।
15 मार्च से तनाव और बढ़ गया
अमेरिकी सेना और हूती समूह के बीच 15 मार्च से तनाव और बढ़ गया है, जब अमेरिका ने यमन में हूती ठिकानों पर दोबारा हवाई हमले शुरू किए। इन हमलों का उद्देश्य हूती लड़ाकों को लाल सागर में इजरायली और अमेरिकी जहाजों पर हमले करने से रोकना था। उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा रखने वाले हूती समूह का कहना है कि उनके हमले अमेरिका समर्थित इजरायल पर दबाव बनाने के लिए हैं, ताकि वह गाजा पट्टी पर अपना हमला रोके और वहां फंसे फिलीस्तीनियों तक जरूरी सहायता सामग्री पहुंचने दे।
